Jagannath Rath Yatra 2023 : आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की यात्रा, जानिए कैसे शुरू हुई यह परंपरा ?

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या : हिंदू पंचांग के मुताबिक हर वर्ष आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है. इस साल यह यात्रा 20 जून अर्थात आज निकाली जाएगी. वैसे तो पुरी की जगन्नाथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है. इस यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा रथ पर सवार होकर जनता का हाल जानने निकलते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक रथ यात्रा में चलने से व्यक्ति के समस्त कष्ट दूर होते हैं .आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे कैसे हुई थी जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत हुई और क्या है तीन रथो की विशेषता तो चलिए जानते हैं .

वैसे तो धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक भगवान जगन्नाथ की यात्रा की शुरुआत को लेकर कई कथा प्रचलित है. कथावाचक पवन दास शास्त्री बताते हैं कि एक कथा के मुताबिक एक बार देवी सुभद्रा ने अपने बड़े भाई श्री कृष्ण और बलराम से द्वारिका दर्शन की इच्छा जाहिर की. जिसके बाद तीनों रथ पर सवार होकर द्वारिका नगर का भ्रमण पर निकल गए तभी से रथयात्रा हर साल होती रहती है.

अक्षय तृतीया से शुरू होती है रथों को बनाने की प्रक्रिया
जगन्नाथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा विराजमान रहते हैं. रथ यात्रा में तीनों ही देव के रथ निकाले जाते हैं. इतना ही नहीं इस रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ के साथ भाई बलराम और बहन सुभद्रा का अलग-अलग रथ होता है और इन रथों को बनाने की शुरुआत अक्षय तृतीया से शुरू होती है. रथ में सबसे आगे बलराम और बीच में बहन सुभद्रा का रथ होता है. सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ का रथ रहता है.

नीम की लकड़ी से होता है रथ का निर्माण
इतना ही नहीं सभी के रथ अलग-अलग होते हैं. भगवान बलराम के रथ को ताल ध्वज कहा जाता है और इसकी पहचान लाल और हरे रंग से होती है. तो दूसरी तरफ बहन सुभद्रा के रथ का नाम पद्म रथ होता है. जिसका रंग काला या नीला होता है. तो वही भगवान जगन्नाथ के रथ को गरुड़ध्वज कहा जाता है. इनका रथ लाल और पीले रंग का होता है रथ को नीम की लकड़ी से बनाया जाता है, क्योंकि यह औषधीय लकड़ी होने के साथ पवित्र भी माना जाता है.

Tags: Dharma Aastha, Local18, Religion, Religion 18

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें