आज का पंचांग 17 जून 2023: दर्श अमावस्या पर पाएं पितरों का आशीर्वाद, देखें मुहूर्त, दिशाशूल और राहुकाल


हाइलाइट्स

आज के दिन पीपल के पेड़ की जड़ को जल और कच्चे दूध से सींचते हैं.
कष्टों से मुक्ति और रक्षा के लिए शनि स्तोत्र या शनि कवच का पाठ करें.

आज का पंचांग 17 जून 2023: आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी, रोहिणी नक्षत्र, शूल योग, शकुनी करण और शनिवार दिन है. आज सुबह 09:11 बजे से आषाढ़ की दर्श अमावस्या है. इस दिन पितर पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंश को आशीष देते है. उनको प्रसन्न करने के लिए स्नान के बाद तर्पण करते हैं और उनके निमित्त दान करते हैं. इससे पितर प्रसन्न होते हैं. आज के दिन पितरों के लिए भोजन बनाते हैं और उसे दक्षिण दिशा में रख देते हैं. शाम के समय में मार्ग दिखाने के लिए दीपक जलाते हैं. इससे पितर खुश होकर सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. आज के दिन पीपल के पेड़ की जड़ को जल और कच्चे दूध से सींचते हैं, इससे देवों का अशीर्वाद प्राप्त होता है.

शनिवार के दिन व्रत रखकर शनि देव की पूजा करने और व्रत कथा सुनने से शनि महाराज का आशीर्वाद मिलता है. कष्टों से मुक्ति और रक्षा के लिए शनि रक्षा स्तोत्र या शनि कवच का पाठ करें. यदि आप पर शनि की महादशा साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो आज शनि मंदिर में जाकर छाया दान करें. शनि देव के समक्ष बैठकर शनि चालीसा का पाठ करें. शनि मंत्रों का जाप करें. इससे आपके कष्ट, दुख, ग्रह पीड़ा आदि की शांति होगी. शनि दोष भी दूर होगा. शनि की कृपा पाने के लिए गरीबों, असहायों, रोगियों की मदद करें. उनके लिए भोजन और दवा की व्यवस्था करें.

शनिवार को शमी के पेड़ की पूजा करने और शाम को उसके नीचे सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाने से लाभ होता है. इस दिन शनि देव का स्मरण करके लोहे या नाव की कील का छल्ला बनाकर दाएं हाथ के बीच वाली अंगुली में पहन लें. इससे शनि दोष दूर होगा. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, अशुभ समय, योग, दिशाशूल, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त आदि.

17 जून 2023 का पंचांग
आज की तिथि – आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
आज का नक्षत्र – रोहिणी
आज का करण – शकुनी
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का योग – शूल
आज का वार – शनिवार
आज का दिशाशूल – पूर्व
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 05 बजकर 23 मिनट से शाम 04 बजकर 25 मिनट तक
अमृत सिद्धि योग: सुबह 05:23 बजे से शाम 04:25 बजे तक

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:53:00 AM
सूर्यास्त – 07:26:00 PM
चन्द्रोदय – 29:06:00
चन्द्रास्त – 18:52:00
चन्द्र राशि – वृषभ

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:57:50
मास अमांत – ज्येष्ठ
मास पूर्णिमांत – आषाढ़
शुभ समय – 11:53:56 से 12:49:48 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 05:22:57 से 06:18:48 तक, 06:18:48 से 07:14:39 तक
कुलिक– 06:18:48 से 07:14:39 तक
कंटक– 11:53:56 से 12:49:48 तक
राहु काल– 09:17 से 10:58 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 13:45:39 से 14:41:30 तक
यमघण्ट– 15:37:22 से 16:33:13 तक
यमगण्ड– 14:06:36 से 15:51:20 तक
गुलिक काल– 05:53 से 07:35 तक

Tags: Dharma Aastha, Shanidev

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Author: Jagran Times

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