
अभिनव कुमार/ दरभंगा. जिले के युवाओं को बिहार से बाहर जाकर काम करना पसंद नहीं है. श्रम संसाधन विभाग के द्वारा निरंतर नियोजन कैंप के माध्यम से जिले के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं. लेकिन सहायक निर्देशक (नियोजन) का मानना है कि यहां आयोजित होने वाले जॉब कैंप में बिहार से बाहर से आने वाली कंपनियों में यहां के युवा भाग तो लेते हैं लेकिन जब उनका सिलेक्शन, होता है तो फिर वहां कंपनी में नौकरी करने नहीं जाते हैं. जिसके वजह से विभाग को भी कई सारी परेशानी होती है और निराशा हाथ लगती है.
जानिए क्या कहते हैं अधिकारी
गौरतलब है कि जब विभाग के द्वारा इस प्रकार के रोजगार मेले का आयोजन होता है, तो जिले में बेरोजगारी दूर करने के उद्देश्य से किया जाता है. लेकिन जब युवा नौकरी नहीं करते तो एक निराशा विभाग को और बाहर से आने वाली कंपनियों को भी होती है. इतनी खर्च और मेहनत के बाद यहां के बच्चे इन लोगों को निराश कर देते हैं. इस पर जब हमने सहायक निदेशक (नियोजन) आशीष आनंद से बात की तो उन्होंने बताया कि देखिए लगातार हम लोग यहां जॉब कैंप कराते आए हैं, लेकिन प्रायः यह देखा गया है कि जो बच्चे यहां आते हैं. उनका चयन हो जाता है. जॉब के लिए उनको जाना होता है तो बिहार से बाहर बच्चे नहीं जा पाते हैं.
तो हमने इसके पीछे का कारण जानना चाहा तो पता चला कि मुख्य जो कारण होते हैं उसमें बच्चे यहां पर कंपटीशन की तैयारी कर रहे होते हैं, तो बच्चे किसी शैक्षणिक संस्थान में इंवॉल्व होते हैं वैसे बच्चे नहीं जाते हैं. दूसरा कारण यह भी है खासकर बच्चियों में जो बहुत सारे गार्जियन परमिशन नहीं देते हैं बाहर जाकर नौकरी करने के लिए. यहां तो बच्चे आते हैं मन बनाकर लेकिन जब यहां से वापस घर जाते हैं. शायद फैमिली चाहते हैं अगर नजदीक में नौकरी मिले तो कर ले बाहर नहीं जाने देना चाहते हैं. तीसरा कारण यह भी देखा गया है कि बच्चे होमस्क्रीन ज्यादा रखते हैं. उनको यह भी लगता है कितने कम वेतन में बाहर जाकर हम कैसे सरवाइव कर पाएंगे. ऐसे में विभाग को तो परेशानी होती है. खासकर नियोजक जो बाहर से आते हैं, वह भी कई बार कहते हैं मेहनत होती है, पैसे खर्च होते हैं और बच्चे उस हिसाब से नहीं आ पाते हैं तो परेशानी तो होती है .
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 19:45 IST






