Cyber Crime in Uttarakhand: ‘हैलो मैं विकास भवन से बोला रहा हूं’, लोगों को ठगने का साइबर ठगों का है यह नया तरीका

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ओम प्रयास , हरिद्वार. गरीब लोगों को ठगने का साइबर ठगों ने नया तरीका इजाद किया है, जिसमें साइबर ठग आपको सरकारी कर्मचारी बन कर फोन करेंगे और कहेंगे कि “हेलो मैं विकास भवन से बोल रहा हूं, आपका सरकारी मकान का फॉर्म भरा गया है, कृपया अपना आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर और बैंक अकाउंट नंबर जल्दी से एसएमएस करें या फिर किसी की पेंशन या अन्य जरूरी सरकारी कामों को लेकर साइबर ठगों द्वारा सरकारी कर्मचारी बन कर फोन कर निजी जानकारी मांगी जाती है.

ऐसे में ध्यान देने वाली बात है कि यदि विकास भवन से आपको कोई कॉल या मैसेज आया है तो आप अपने जिले के सरकारी वेबसाइट ओपन करके वहां से विकास भवन का नंबर ले सकते हैं और इस बात की पुष्टि कर सकते हैं

बदलते समय के साथ साइबर ठगों ने भी अपने तरीकों को बदल लिया है. ठगों द्वारा दिए जाने वाले लालच में लोग फंसकर ठगी का शिकार हो जाते हैं. ठगी के मामले बढ़ने का मुख्य कारण लालच और साइबर की जानकारी नहीं होना है. जनपद हरिद्वार में ठगी के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ चुके हैं. लोग लालच में फंसकर अपनी निजी जानकारियां अनजान लोगों को बता देते हैं जिस कारण वह ठगी का शिकार हो जाते हैं.

हम सभी रोजाना फोन, टीवी, समाचार पत्रों या सोशल मीडिया में देखते हैं कि किसी भी अनजान कॉल या फिर अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारियां किसी को ना बताएं, लेकिन इतना कुछ प्रचार-प्रसार होने के बाद भी लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं. इसका मुख्य कारण लालच का ना होना है. साइबर ठग कहीं गिफ्ट का लालच देते हैं, तो कहीं लॉटरी लगने की बात कहते हैं, कहीं साइबर ठग इनाम में जीती मोटी रकम को देने की बात करते हैं तो कहीं बैंक के कर्मचारी बनकर आपसे आपकी निजी जानकारियां ले लेते हैं.

साइबर ठग सरकारी अफसर बन कर भी लोगों को ठग लेते हैं तो वही जाने-माने लोगों की फेसबुक प्रोफाइल फोटो चुराकर फेसबुक पर करीबियों से पैसे मांगने के नाम पर उन्हें ठग लेते हैं, ऐसे कई मामले अब तक साइबर ठगों के आ चुके हैं जिनमें लोग फंसकर अपनी निजी जानकारियां और पैसे गवां देते हैं.

साइबर ठगी से ऐसे बचे
इन सभी बातों को लेकर हमने हरिद्वार जिलाधिकारी धीराज सिंह गबर्याल से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि यदि आपको विकास भवन या किसी सरकारी कार्यालय से कोई फोन करके आपकी निजी जानकारी मांगी जाती है तो इसमें आपको बेहद ही सावधान रहने की जरूरत है. ऐसे फोन आने के बाद आपको पहले संतुष्ट होने की जरूरत है, कि वह कॉल सही था या फिर साइबर ठगों के द्वारा किया गया कॉल है.

ऐसे फोन आने पर आपको एकदम से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, अपने जिले की वेबसाइट खोल कर वहां दिए गए फोन नंबर से इस बात की संतुष्टि होने के बाद ही कोई कदम उठाएं. ठगी का शिकार अक्सर वह लोग होते हैं जिन्हें साइबर की जानकारी नहीं होती है.साइबर ठग कभी बैंक के कर्मचारी बन कर बात करते हैं तो कभी सरकारी अफसर बनकर. ऐसी कोई भी अनजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें जिसमें आपकी निजी जानकारियां दूसरे व्यक्ति के पास जाने की संभावनाएं होती है.

ठगी होने के बाद उठाए यह कदम
यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हुआ है तो उसे बिना देरी किए 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं जिससे समय रहते आपके बैंक खाते से कटने वाली राशि को रोका (फ्रीज) जा सके. 1930 एक टोल फ्री नंबर है जिस पर साइबर संबंधित अपराधों की शिकायते दर्ज की जाती है, जिसमें यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगों के झांसे में आ गया है और उसने अपनी सारी निजी जानकारियां किसी अन्य व्यक्ति को बता दी है तो वह बिना देरी किए 1930 टोल फ्री नम्बर पर अपनी शिकायत दर्ज करवा कर अपनी रकम वापस पा सकते हैं.

Tags: Cyber Crime, Cyber Fraud, Haridwar news, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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