कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी रहे आरसीपी सिंह अब बीजेपी के साथ, इस सीट से लड़ सकते हैं 2024 लोकसभा चुनाव

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना/नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (RCP Singh) अब से थोड़ी देर बाद औपचारिक रूप से बीजेपी (BJP) का दामन थाम लेंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय में दोपहर 1:30 बजे उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई जाएगी. आरसीपी सिंह लंबे वक्त से किसी पार्टी से नहीं जुड़े थे, पिछले साल जब उन्हें राज्यसभा में नहीं भेजा गया तो उन्हें मंत्रिमंडल से हटना पड़ा था. केंद्रीय मंत्रिमंडल से उनकी विदाई के बाद से ही वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ हमलावर रहे हैं.

आरसीपी सिंह की नाराजगी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को लेकर भी रही है. पिछले अगस्त महीने में बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया. तब से ही आरसीपी सिंह की बीजेपी के साथ नजदीकियां काफी बढ़ गई थीं. आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके करीबी लोगों के खिलाफ लगातार आग उगला और पूरे बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर दौरा किया.

आपके शहर से (दिल्ली-एनसीआर)

दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली-एनसीआर

आरसीपी सिंह ने खासतौर से जेडीयू में अपने समर्थकों के बीच जाकर नीतीश कुमार के खिलाफ मुहिम चलाने की पूरी कोशिश की. उनकी कवायद थी कि किसी भी तरह नीतीश कुमार को एक्सपोज किया जाए और यह दिखाया जाए कि आरजेडी के साथ उनका मिलना केवल प्रधानमंत्री बनने की लालसा को लेकर है. किसी जमाने में नीतीश कुमार के दाहिना हाथ रहे आरसीपी सिंह लगातार उनके साथ जुड़े रहे हैं. पहले वे जदयू से राज्यसभा के दो बार सांसद बने और 1 साल के लिए केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे. इसके पहले जेडीयू के संगठन महासचिव के तौर पर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की उसके बाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बना दिया गया. लेकिन बतौर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए.

जेडीयू की तरफ से एकमात्र मंत्री के तौर पर आरसीपी सिंह की केंद्रीय मंत्रिमंडल में ताजपोशी हुई उसी वक्त से नीतीश कुमार से उनकी अनबन शुरू हो गई हालांकि आरसीपी सिंह बार-बार कहते रहे कि नीतीश कुमार की सहमति से ही वे मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. लेकिन जेडीयू के नेताओं को यह नागवार गुजरा और अंत में उन्हें पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटना पड़ा, फिर, बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी छुट्टी हो गई. क्योंकि उन्हें राज्यसभा में फिर से जगह नहीं दी गई हालांकि चर्चा इस बात को लेकर भी थी कि आरसीपी सिंह अलग पार्टी भी बना सकते हैं. जो पिछले कई महीनों से चल रही थी.लेकिन अंत में बीजेपी में शामिल होने का ही फैसला किया गया.

जिस बंगले के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई; अब उसमें नहीं रहते तेजस्वी! क्या है कारण?

ऐसी उम्मीद की जा रही है अगले लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार के जिले जो कि आरसीपी सिंह का भी गृह ज़िला है नालंदा वहां से उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट दिया जा सकता है. आरसीपी सिंह खुद कुर्मी समाज से आते हैं जिस समाज से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं. लिहाजा बीजेपी को लगता है कि नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण में सेंधमारी की कोशिश सफल हो पाएगी. दूसरी तरफ बीजेपी हाल ही में जेडीयू से उपेंद्र कुशवाहा की बगावत के बाद उन्हें एनडीए में लाने की कोशिश कर रही है. सम्राट चौधरी को बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है ऐसे में सम्राट चौधरी और उपेंद्र कुशवाहा के बहाने बीजेपी कुश समीकरण को भी साथ में लेने में लगी है. पार्टी आलाकमान की पूरी कोशिश है कि नीतीश कुमार के लव-कुश समीकरण को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए और इसके लिए सम्राट चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा और आरसीपी सिंह बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

Tags: Bihar News, Bihar politics, BJP, Delhi news, PATNA NEWS, RCP Singh

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें