कौशाम्बी—
करारी नगर पंचायत कार्यालय में आज उस समय प्रशासनिक हलचल तेज़ हो गई, जब जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने बिना पूर्व सूचना आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत को परखना था—और तस्वीर संतोषजनक नहीं मिली।
जिलाधिकारी ने शिकायत पंजिका का गहन अवलोकन किया तो गंभीर लापरवाही सामने आई। कई शिकायतों में न तो शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर दर्ज था, न ही पंजिका पूर्ण एवं सत्यापित पाई गई। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिशासी अधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश था कि जनसमस्याओं से जुड़ा कोई भी अभिलेख अधूरा या लापरवाह तरीके से नहीं रखा जा सकता।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय एवं परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी कसौटी पर खरी नहीं उतरी। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि नगर पंचायत जैसे संवेदनशील संस्थान में अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बेहतर स्वच्छता, व्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन और जवाबदेह कार्यसंस्कृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. अमित पाल शर्मा ने अधिशासी अधिकारी को चेताया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए, ताकि आम नागरिक का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो। यह निरीक्षण स्पष्ट संकेत है कि जिले में लापरवाही नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
यह आकस्मिक निरीक्षण करारी नगर पंचायत के लिए सिर्फ़ चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधार का स्पष्ट अल्टीमेटम माना जा रहा है—जहाँ अब हर शिकायत का हिसाब और हर फाइल की जिम्मेदारी तय होगी।







