कौशांबी– जनपद के मंझनपुर मुख्यालय स्थित मंसूर नगर में आबादी की तालाब नुमा बेशकीमती ज़मीन पर खुलेआम अवैध कब्ज़ा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मौन स्वीकृति के चलते दबंगों के हौसले बुलंद हैं और ज़मीन पर कब्ज़े की कोशिशें लगातार जारी हैं।
मंझनपुर नगर में रहने वाले लोगों के लिए आज तक नगर पालिका परिषद एक भी ऐसा सार्वजनिक गार्डन या पार्क विकसित नहीं कर सकी, जहाँ लोग कंक्रीट के जंगल से निकलकर कुछ पल सुकून और ताज़ी हवा का एहसास कर सकें। मंसूर नगर की यह ज़मीन गार्डन और हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा सफल हो गया, तो भविष्य में मंझनपुर के लोगों को खुली और स्वच्छ हवा के लिए तरसना पड़ेगा। सवाल यह भी उठता है कि जब ज़मीन सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है, तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
अब बड़ा सवाल यही है कि अगर इस बेशकीमती ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा हो जाता है, और जनता एक सार्वजनिक गार्डन से वंचित रह जाती है, तो इसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन की चुप्पी या दबंगों की दबंगई।








