कौशांबी- महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवा गांव के मजरा लोधन का पुरवा गांव में 6 जनवरी 2004 को भानु के बेटे की हत्या करने वाले आरोपी 21 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद हत्या के दोषी साबित हुए और अदालत ने हत्या के दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाते हुए एकत्तीस एकत्तीस हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है
महेवाघाट थाना क्षेत्र में 6 जनवरी 2004 को भानू पुत्र रम्पत निवासी सरसवां मजरा लौधन का पुरवा थाना महेवाघाट के पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत में दो अभिक्तों को हत्या का दोषी पाया और दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा अभियुक्तों पर 31000–31000 का अर्थ दंड लगाया है युवक की हत्या करने के मामले में थाना पर मु0अ0सं0 08/2004 धारा 302/307/506/34 भादवि व 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत हुआ जिसमें विवेचना के उपरान्त आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ जिससे सम्बन्धित 02 अभियुक्तों. हंसराज पुत्र बाबूलाल वा छितानी पुत्र विशाल निवासी सरसवां मजरा लौधन का पुरवा थाना महेवाघाट को मुकदमे की सुनवाई के दौरान 14.10.2025 को न्यायालय एडीजे-03 जनपद कौशाम्बी ने अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाया और प्रत्येक अभियुक्त को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है तथा 31,000-31,000 /- रू0 के अर्थ दण्ड से दण्डित किया।






