नीति आयोग ने  कौशाम्बी ,जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान, ₹6 लाख का पुरस्कार भी प्रदान किया गया

 

कौशाम्बी- कौशाम्बी ने एक बार फिर अपनी पहचान पूरे देश में रोशन की है। नीति आयोग द्वारा लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मंसूरी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान कौशाम्बी जनपद के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण साबित हुआ। नीति आयोग ने जिलाधिकारी को “कृषि सम्बन्धी निर्णय लेने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड” श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया, साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं और रचनात्मक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट योगदान के लिए भी उन्हें विशेष सम्मान से नवाज़ा। इस अवसर पर नीति आयोग ने जनपद कौशाम्बी को कुल ₹6 लाख (₹5 लाख एवं ₹1 लाख) का पुरस्कार भी प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंच से एक प्रभावशाली प्रजेंटेशन के माध्यम से नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों के समक्ष कौशाम्बी मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने “डेटा अंतर्दृष्टि और मूल कारण विश्लेषण, किए गए हस्तक्षेप, कार्यान्वयन प्रक्रिया, तथा लाभार्थियों पर प्रभाव” जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे टीमवर्क, सटीक रणनीति और जनसहभागिता के जरिए जनपद ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।नीति आयोग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “कौशाम्बी मॉडल” अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।इस उपलब्धि से पूरे कौशाम्बी जनपद में गर्व की लहर दौड़ गई है। विकास की नई सोच और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे सशक्त हों तो सीमित संसाधन भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
कौशाम्बी अब केवल मानचित्र पर एक जनपद नहीं, बल्कि नीति आयोग की दृष्टि में एक मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में उभरा है।

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Author: Up Head Line

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