कौशाम्बी-
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महान ग्रंथ ‘रामायण’ का अखण्ड पाठ कराया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण किया।
जनपद में चरवा में स्थित राम जानकी मंदिर में अखण्ड रामायण का पाठ किया गया। मंदिरों में धार्मिक वातावरण में पूरे दिन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित हुए। श्रद्धालुओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन,उनके आदर्शों तथा समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
बतादें कि आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित विश्व प्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण महाकाव्य सामाजिक मूल्यों, मानव मूल्यों एवं राष्ट्र मूल्यों की स्थापना का आदर्श है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा अपने ग्रंथ में वर्णित स्थल,जिन्हें राम जानकी मार्ग, राम वनगमन मार्ग आदि के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश में राम जानकी मार्ग, राम वन गमन मार्ग के अन्तर्गत अनेक स्थल विद्यमान हैं, जहां पर भारतीय संस्कृति के मूल तत्व एवं मान्यताएं आज भी सुरक्षित हैं। जनपद में ऐसे महान महर्षि वाल्मीकि जी की जयन्ती को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।






