प्रयागराज ,-
रिश्तेदार दादा ने पोते को मौत के घाट उतारा, शव के टुकड़े कर नैनी और करैली इलाके में फेंका, आरोपी गिरफ्तार ।
संगम नगरी प्रयागराज में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। तंत्र-मंत्र के बहकावे में आकर एक शख्स ने अपने ही रिश्तेदार 17 वर्षीय छात्र की निर्मम हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। घटना करेली थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी शरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूल जाते समय बुलाकर की हत्या
मृतक छात्र पीयूष (कक्षा 11 का छात्र) मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। लेकिन वह स्कूल नहीं पहुँचा। दोपहर तक घर न लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। जब मां स्कूल पहुँची तो पता चला कि पीयूष तो स्कूल आया ही नहीं। घबराकर उन्होंने करेली थाने में बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
उसी दिन शाम को यमुना नगर औद्योगिक क्षेत्र में एक अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव की पहचान नहीं हो पा रही थी क्योंकि सिर गायब था।
आरोपी ने कबूला अपराध
पुलिस की जांच में शक पीयूष के रिश्तेदार शरण सिंह पर गया, जो मृतक के दादा का भाई है। जब पुलिस ने शरण को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।
डीसीपी सिटी अभिषेक भारती के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह पिछले दिनों एक तांत्रिक के पास गया था। शरण के बेटे और बेटी ने 2023 व 2024 में आत्महत्या कर ली थी। उसने तांत्रिक से बच्चों की मौत का कारण पूछा। तांत्रिक ने कहा कि दरअसल पीयूष को मरना था, लेकिन तंत्र-मंत्र के कारण वह बच गया और उसी वजह से तुम्हारे दोनों बच्चे मारे गए। तांत्रिक ने उसे सलाह दी कि यदि वह पीयूष को मार देगा तो उसके जीवन की परेशानियां खत्म हो जाएंगी। इसी अंधविश्वास के चलते शरण सिंह ने योजनाबद्ध तरीके से पीयूष की हत्या कर दी।
शव के टुकड़े किए, अलग-अलग जगह फेंका ।
शरण सिंह ने वारदात के बाद पीयूष के शव के टुकड़े कर दिए।
शव का धड़ औद्योगिक क्षेत्र के लवायन गांव के पास फेंका गया।
सिर करेली थाना क्षेत्र के सैदपुर जंगल में छिपाया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सिर और अन्य अवशेष बरामद कर लिए हैं।
अंधविश्वास से जन्मी सनसनी
यह घटना शहरभर में सनसनी फैलाने वाली है। तंत्र-मंत्र के नाम पर रिश्तेदार द्वारा अपने ही परिवार के बच्चे की हत्या ने सबको स्तब्ध कर दिया है।
डीसीपी सिटी का कहना है कि आरोपी को जेल भेजा जा चुका है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के घातक प्रभाव को उजागर करता है, जिसने एक मासूम की जान ले ली और एक परिवार को उजाड़ दिया।





