The construction work of the world’s largest temple will start from today, Shivling weighing 210 tonnes will be 33 feet high, know where – News18 हिंदी

सच्चिदानंद, पटना. आज यानी की 20 जून इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है और बिहार की पावन धरती पर विश्व के सबसे बड़े मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. एक ऐसा मंदिर जो अयोध्या में बन रहे राममंदिर से तीन गुना से भी ज्यादा लंबा और दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा. यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग (World Largest Shivling) की स्थापना की जाएगी. इस मंदिर का नाम विराट रामायण मंदिर होगा, जो पूर्वीे चंपारण जिले के केसरिया-चकिया पथ पर कैथवलिया-बहुआरा में स्थित होगा. इस मंदिर में रामायण से जुड़ी कहानियों का अलग- अलग मंदिर होगा. यूं कह लें तो इस मंदिर में पूरी रामायण की झलक देखने को मिल जाएगी.

तीन मंजिला होगा मंदिर
महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि विराट रामायण मन्दिर तीन मंजिला होगा. मन्दिर में प्रवेश के बाद प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश के दर्शन होंगे. उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025 के सावन तक मन्दिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना हो जाएगी. उसी साल आखिर तक विराट रामायण मन्दिर बनकर तैयार हो जाएगा. मन्दिर के कुल 12 शिखरों की साज-सज्जा में और दो वर्ष लगेंगे.

क्या होगी विराट रामायण मंदिर की खासियत
विश्व के सबसे बड़े में मन्दिर का क्षेत्रफल 3.67 लाख वर्गफुट होगा. सबसे ऊंचा शिखर 270 फीट का होगा. 198 फीट का एक शिखर होगा. जबकि 180 फीट के चार अन्य शिखर रहेंगे. 135 फीट का एक शिखर और 108 फीट ऊंचाई के 5 अन्य शिखर होंगे. विराट रामायण मन्दिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है.

आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि अयोध्या में बन रहे रामलला मन्दिर की लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट है. जबकि सबसे ऊंचा शिखर 135 फीट का है. विराट रामायण मन्दिर में शैव और वैष्णव देवी-देवताओं के कुल 22 मन्दिर होंगे. मन्दिर निर्माण के लिए 120 एकड़ जमीन उपलब्ध है. इसे जानकी नगर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कई आश्रम, गुरुकुल, धर्मशाला आदि होंगे.

मन्दिर का पाइलिंग कार्य कराने वाली एजेंसी सनटेक इन्फ्रा के अधिकारियों ने बताया कि विराट रामायण मन्दिर में कुल 3102 पिलर होंगे. पाइलिंग कार्य में 1050 टन स्टील और 15 हजार क्यूबिक मीटर कंक्रीट की खपत होगी. निर्माण में लगने वाली सामग्रियां महावीर मन्दिर उपलब्ध कराएगा.

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग भी होगा स्थापित

महाबलिपुरम में 250 टन वजन के ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की चट्टान को तराश कर मुख्य शिवलिंग के साथ सहस्रलिंगम भी बनाया जा रहा है. आठवीं शताब्दी के बाद सहस्रलिंगम का निर्माण भारत में नहीं हुआ है. शिवलिंग का वजन 210 टन, ऊंचाई 33 फीट और गोलाई 33 फीट होगी.

आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि इतने वजन के शिवलिंग को लाने के लिए चकिया से कैथवलिया की 10 किलोमीटर की दूरी तक सड़क और पुल-पुलिया के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का अनुरोध बिहार के मुख्यमंत्री और पथ निर्माण मंत्री से किया गया है.

Tags: Bihar News, Lord Shiva, PATNA NEWS, Religion 18

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Author: Jagran Times

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