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शशिकांत ओझा/पलामू. पलामू की रहने वाली मेघा श्री राम डाल्टन झारखंड पांच भाषाओं में लोक गीत गाती है. उनके इस लोग गीतों के लिए स्विडजरलैंड द्वारा गांधी पीस अवार्ड भी मिल चुका है. मेघा के संगीत की दुनिया का सफर 10 वर्ष की उम्र से ही शुरू हो गया था. माता-पिता के संगीत के सपने को पूरा करने के लिए 90 के दशक से ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था. उन्होंने संगीत उस्ताद अमजद अली से सीखना शुरू किया और रेडियो स्टेशन पर गीत गाना शुरू किया. बाद में बनारस हिंदी यूनिवर्सिटी से क्लासिकल संगीत की शिक्षा ली. बाद में मुंबई जाकर अपनी आवाज से संगीत गाकर खूब नाम कमाया. क्लासिकल गीतों के साथ टेक्निकल कोरट भी गाती थी. मुंबई में हिंदी सिनेमा के साथ हिंदी थियेटर भी किया. पहला नाटक गुलाब बाई पर बनी थी जिसका नाम अफसाने था.

वर्ष 2016 में अजय देवगन के निर्देशन में बनी फिल्म शिवाय के टाइटल ट्रैक में मेघा श्री राम डाल्टन ने अपनी आवाज देकर इस गीत को और लोकप्रिय बना दिया था. बता दें इससे पहले भी इन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘दैट गर्ल इन यलो बूटÓ और मनीष झा की फिल्म ‘अनवरÓ, साथ ही मिथुन दा की तू ही मेरी रब है जैसी फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुकी है.

एम टीवी पोक स्टूडियो में झारखंड का लोक गीत गाया
मेघा श्रीराम डॉल्टन ने न्यूज 18 को बताया की वर्ष 2011 में झारखंड के लोक गीत गाना शुरू किया जो की एम टीवी पोक स्टूडियो से शुरू हुआ. जहां से झारखंडी गीतों का शुरुआत हुआ. तब मुझे लगा की मुझे तो यही गाना चाहिए तब से मैं लोक गीत गाना और अपने माई माटी में लिए गाना शुरू किया. झारखंड की गीत और बिरसा बाबा, गांधी बाबा की गीत गाने से मैं उनका दर्द समझती हूं. उनके परिवार से नहीं हूं लेकिन उनका क्रोमोजोन मुझमें है. मैं गीत से ही झारखंड के दु:ख दर्द को सुनाने और बदलने की कोशिश कर रही हूं. जो जितना देशज होता है उतना ही ग्लोबल भी होता है. अपने जमीन का दुर्भाग्य मैं अपने गाने से सुनाती हूं.

झारखंड के 11 भाषाओं में संगीत गाने का है सपना
मेघा ने बताया कि वर्तमान में वो पांच भाषा में संगीत गाती है. झारखंड की सभ्यता के पंच परगनिया, सादरी, खोरठा, नागपुरिया, कुदुक इन भाषाओं में संगीत गाती है. उनका मानना है अपनी सभ्यता के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं. हम अपनी संस्कृति को बचाए अन्यथा नष्ट हो जाएंगे. इसीलिए झारखंड की सभी भाषाओं में गीत गाने का उद्देश्य है. झारखंड की लोक गायिका श्री राम डाल्टन, मेघा श्रीराम डाल्टन के नाम में डाल्टन का अर्थ है डाल्टनगंज. दरअसल, मेघा का जन्म झारखंड के डाल्टनगंज में हुआ जिसके चलते उन्होंने अपना नाम मेघा श्रीराम डॉल्टन रख लिया. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. उन्होंने ने कहा की शिव जी के मंत्र में खुद को आत्मसात कर चुकी हूं. जिससे शिवाय फिल्म के टाइटल ट्रैक में जगह भी मिला. इतना अद्भुत वो था कि उस आवाज को जगह मिलनी ही थी.

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Author: Jagran Times

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