चपरासी के 16 पदों के लिए 2100 ने दी परीक्षा, योग्यता 8वीं पास लेकिन ज्यादातर अभ्यर्थी थे डिग्री होल्डर्स


हिमांशु अग्रवाल/ छतरपुर. बुंदेलखंड का नाम आते ही लोगों की जुबान पर सिर्फ दो ही बातें आती है. वो हैं सूखा और बेरोजगारी, इन्हीं दो बड़ी समस्याओं के कारण समूचे बुंदेलखंड इलाके के लोग महानगरों की तरफ कूच कर जाते हैं और अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दिन-रात जद्दोजहद करते हैंं.

बुंदेलखंड में बेरोजगारी का आलम यह है कि यहां चपरासी के 16 पदों की वैकेंसी के लिए करीब 2100 बेरोजगारों ने परीक्षा दी. खास बात यह है कि जिस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं रखी गई थी, उसके लिए 400 पोस्टग्रेजुएट और अन्य उच्च डिग्रीधारियों ने अपनी किस्मत आजमाई है, 800 से ज्यादा आवेदन ग्रेजुएट्स के थे.

दो परीक्षा केंद्रों पर 18 जून को करीब 2100 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. हालांकि, शुरुआत में 1797 आवेदन आए थे, लेकिन बाद में आयु सीमा बढ़ाने के बाद 352 आवेंदन और आए जिससे यह बढ़कर 2149 हो गई. कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के इन पदों के लिए पूर्व में 4 जून को लिखित परीक्षा होनी थी उसमें तिथि में उच्च न्यायालय में याचिका के कारण यह संशोधन होकर अब 18 जून कर दी गई थी. कोरोना काल मे भर्ती नहीं हो पाई थी इस वजह से आयु सीमा बढ़ाई गई थी. भृत्य पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास थी, लेकिन इससे उच्च शिक्षा वालों के लिए भी यह भर्ती खुली हुई थी, जिस कारण कई उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किए थे.

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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 11:19 IST

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Jagran Times
Author: Jagran Times

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