
मोहन ढाकले/बुरहानपुर. मध्य प्रदेश की सबसे छोटी कचौड़ी बुरहानपुर में मिलती है, जिसका वजन मात्र 10 ग्राम होता है, जो एक बार इसे खा लेता है तो दीवाना बन जाता है. खास बात यह है कि मसालेदार कचौड़ी 8 दिन तक खराब नहीं होती, इसीलिए लोग इसे पैक करवाकर अपने साथ ले जाते हैं. देश विदेश तक इसकी डिमांड है.
बुरहानपुर के राजपुरा क्षेत्र की ज्योति स्वीट्स के संचालक का दावा है कि उनके यहां मध्य प्रदेश की सबसे छोटी कचौड़ी बनाई जाती है दुकान पर सुबह से देर रात तक बड़ी संख्या में लोग कचौड़ी लेने के लिए पहुंचते हैं. एक कचौड़ी का वजन मात्र 10 ग्राम होता है, हालांकि यह तौलकर दी जाती है, लेकिन एक पीस का हिसाब लगाएं तो करीब 2 रुपए की एक पड़ती है. दुकान संचालिका स्वरूप रामचंद्र नागौरी ने बताया कि यह मध्य प्रदेश की सबसे छोटी कचौड़ी की दुकान है.
बनने के बाद 8 दिन तक खराब नहीं होती कचौड़ी
इस कचौड़ी की खासियत यह है कि बनने के बाद 8 दिन तक खराब नहीं होती है, इसी गुण के कारण इस कचौड़ी को और भी ज्यादा पसंद किया जाता है आमतौर पर बाजार में बिकने वाली कचौड़ी 1 ही दिन में ही खराब हो जाती है, लेकिन यह कचौड़ी 8 दिन तक खाई जा सकती है. दुकान खुलते ही ग्राहकों की यहां भीड़ लगने लगती है, कचौड़ी बनते ही तुरंत बिक जाती है. प्रतिदिन दुकान पर कचौड़ी बनाई जाती है
सफर में लोग नाश्ते के लिए इस कचौड़ी को करते हैं पसंद
लोगों का कहना है कि जिले से बाहर का सफर करने के दौरान नाश्ते में इससे बेहतर कोई विकल्प नहीं है. लंबे समय तक कचौड़ी के खराब न होने का राज पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चूंकि इस मिनी कचौड़ी में सूखे मसालों का उपयोग होता है, इसलिए अंदर से जल्दी खराब होने का खतरा नहीं रहता. यही कारण है कि घर से दूर जाने वाले लोग इसे अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 10:29 IST






