पकाने से पहले क्यों धोने चाहिए, अनोखी है इसकी वैज्ञानिक वजह

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चावल दुनिया के अधिकांश लोगों को प्रमुख शाकाहारी भोजन है. एशिया और अफ्रीका यह बहुतायत में पसंद किया जाता है और कई तरह के रेसिपी का हिस्सा रहता है. इसे किसी भी करी के साथ खाया जा सकता है और ऐसा दुनिया भर में होता है. लेकिन चाहे घर में चावल बनने जा रहा हो या फिर आप चावल से संबंधित कोई रेसिपी देख रहे हों आपने देखा होगा कि चावल को पहले धोने को कहा जाता है. ऐसा क्यों किया जाता है इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल नहीं होता है. लेकिन लोग जानते हैं कि चावल पकाने से पहले धोने का वैज्ञानिक कारण क्या है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

किसी फाइव स्टार होटल में कोई शेफ हो या फिर किसी घर में कोई पाक कला में अनुभवी महिला सभी विशेषज्ञ यही बताते हैं कि पकाने से पहले चावल धोने से चावल का स्टार्च कम हो जाता है जो सेहत के लिए अच्छा नहीं होता. कई लोग तो अनुशंसा करते हैं कि चावल को कुकर की जगह बर्तन में उबाल कर उसका माढ़ निकल देना चाहिए. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) कई अध्ययन बताते हैं कि धान से चावल तैयार करने की मिल में जब चावल तैयार होता है तो उसके ऊपर स्टार्च की परत चढ़ जाती है. इतना ही नहीं कई रिसोटोस, पाएला, राइसपुडिंग जैसे व्यंजनों में तो इस तरह से चावल को धोने के लिए मना किया जाता है क्योंकि उनमें चिपचिपे प्रभाव की जरूरत होती है. इसके अलावा इनमें चावल का प्रकार, पंरपरा, सेहत संबंधी फायदे या चेतावनी आदि और यहां तक कि चावल पकाने के समय को भी कम करना शामिल है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) एक हालिया अध्ययन ने ग्लूटिनस चावल, मध्यम दाने का चावल और जासमीन चावर की किस्मों के बारे में पाया गया कि उनमें चिपचिपा सतह के स्टार्च की वजह से नहीं बल्कि एमिलोपेक्टन की वजह से आता है जो पकने की प्रक्रिया के दौरान निकलता है और चावल धोने से नहीं बल्कि चावल के प्रकार का चिपचिपेपन से लेना देना है. सबसे ज्यादा चिपचिपा लेकन कठोर ग्लूटिनस चावल ही था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) फिर भी सफाई के लिहाज से कई लोग चावल धोना जरूरी मानते हैं जिससे धूल, कीट, कचरा, छोटे कंकड़ आदि धुलने की प्रकिया में अलग हो सकें. लेकिन चावल धोने से एक फायदा यह भी मिलता है कि आजकर सूक्ष्मप्लास्टिक कई तरह से चावल में आ जाते हैं और धोने से ऐसा 20 फीसद प्लास्टिक चावल से हट जाता है. वहीं शोधर्ताओं ने यह भी दर्शाया कि आजकल जो इंस्टेंट राइस आ रहे हैं उन्हें इस्तेमालकरने से पहले धोने से उनमें 40 फीसद सूक्ष्म प्लास्टिक धुल जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) चावल में आर्सनिक जैसे खतरनाक धातु की भी थोड़ी अधिक और अवांछनीय मात्रा पाई जाती है. पाया गया है कि चावल धोने से उसमें 90 फीसद बायो एक्सेसिबल आर्सनिक हट जाता है. उसके साथ ही कॉपर, आयरन, जिंक जैसे पोषक तत्व भी धुल जाते हैं. इसलिए जिन लोगों के लिए अकेला चावल ही भोजन का एकामात्र स्रोत है या जो भोजन के अधिकांश हिस्से के रूप में चावल खाते हैं, उनकी सेहत के लिए चावल धोना नुकसानदायक हो जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) चावल में आर्सनिक जैसे खतरनाक धातु की भी थोड़ी अधिक और अवांछनीय मात्रा पाई जाती है. पाया गया है कि चावल धोने से उसमें 90 फीसद बायो एक्सेसिबल आर्सनिक हट जाता है. उसके साथ ही कॉपर, आयरन, जिंक जैसे पोषक तत्व भी धुल जाते हैं. इसलिए जिन लोगों के लिए अकेला चावल ही भोजन का एकामात्र स्रोत है या जो भोजन के अधिकांश हिस्से के रूप में चावल खाते हैं, उनकी सेहत के लिए चावल धोना नुकसानदायक हो जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

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Author: Up Head Line

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