अगर आपका बैंक में खाता है तो पढ़िए यह खबर, कहीं आपको नहीं लग जाए लाखों रुपए की चपत


आशीष कुमार शर्मा/ दौसा.बैंक में भी आपका पैसा सुरक्षित नहीं है क्योंकि बैंक कर्मचारी ही यदि आपके पैसे पर डाका डालेगा तो भला बैंक पर विश्वास होने के साथ साथ लोगों की पूंजी कैसे सुरक्षित होगी.दरअसलदौसा में एक बैंक का मामला सामने आया है जहांलोगों की जमा पूंजी पर डाका डाला गया है और लाखों रुपए का गबन किया गया है.यह पूरा मामला यूको बैंक की नांगल राजावतान शाखा में किया गया है.दौसा जिले के नांगल राजावतान थाना क्षेत्र में पिछले 2 दिनों से हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि लोगों के खातों में जमा लाखों रुपए पार हो चुके हैं.

दरअसल यूको बैंक की नांगल राजावतान शाखा में बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र के लोगों ने अपने खाते खुलवा रखे थे.पिछले 3- 4 माह इस बैंक में गबन का खेल खेला जा रहा था.जब लोगों ने अपने खाते की जांच करवाई तो किसी के खाते से 5 लाख रुपए गायब मिले तो इसी के खाते से 3 लाख रुपए कम मिले.बैंक के कार्मिक नेकिसी के खाते से 50 हजार, एक लाख व डेढ़ लाख, दो लाख रुपए तक भी निकाल लिए.शनिवार को जब कुछ उपभोक्ताओं ने अपने खाते की डिटेल ली तो उनके अकाउंट से पैसा गायब मिला. जिसके बाद तो हड़कंप मच गया और देखेत ही देखतेलोग अपने खाते की जांच कराने के लिए ई-मित्र और बैंक में आए. लोग अपने खाते की जांच करवाने को लेकरबैंक कर्मियों से उलझने लगे. जब बड़ी संख्या में लोगों ने अपने खातों की जांच कराई तो पता चला कि दर्जनों उपभोक्ताओं के साथ यह वारदात हुई है और बैंक का कैशियर 2 दिन से लापता है.ऐसे में जब उपभोक्ताओं को कोई संतोषप्रद जवाब देने वाला नहीं मिला तो बैंक मैनेजर ने सभी की शिकायत ली और पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू की. इसके बाद प्राथमिक रूप से बैंक कैशियर अनिल शर्मा निवासी जयपुर की मिलीभगत सामने आई तो उसे उच्चाधिकारियों से बात कर सस्पेंड कर दिया गया. वही पूरे मामले में अब जांच बिठा दी गई है.

आगामी सोमवार को इस मामले में ऑडिट टीम भी यूको बैंक की नांगल राजावतान शाखा में आएगी. उसके बाद ही यह कंफर्म हो पाएगा कि आखिर कितने लाख रुपए का गबन हुआ है. प्राथमिक रूप से करीब 20 उपभोक्ताओं ने शिकायत दी है. जिनके करीब 30 लाख रुपए का गबन हुआ है.हालांकि सभी खातों की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर यह गबन कितने रुपए का हुआ है.आपको बता दें कि बैंक का कैशियर आखिर कैसे इन वारदातों को अंजाम देता था, कैशियरद्वारा ऐसे खातों को चिन्हित किया गया जो मोबाइल से नहीं जुड़े हुए थे या फिर उनके मैसेज के लिए मोबाइल नंबर खाते में दर्ज नहीं थे.ऐसे खातों से सेल्फ पर्ची वर्कर पैसा विड्रॉल किया जाता था ताकि उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज नहीं जाए.

वारदात के दौरान बैंक कैशियर ने इस बात का ध्यान रखा किअधिकतर राशि 50 हजार तक की राशि विड्रोलकी गई क्योंकि 50 हजार रुपए से अधिक राशि विड्रोल करने पर बैंक मैनेजर की अनुमति लेनी होती है.ऐसे में अधिकतर विड्रोल का अमाउंट 50 हजार ही रखा.कभी-कभार बैंक मैनेजर को गुमराह करके बड़ी राशि भी बैंक कैशियर द्वारा विड्रॉल की गई.बैंक कैशियर पर शक की निगाह उस समय अधिक हो गई जब उसने बैंक में आना बंद कर दिया और शुक्रवार व शनिवार को बैंक खुलने के बावजूद भी लापता रहा.ऐसे में बैंक मैनेजर के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर बैंक प्रबंधन ने कैशियर अनिल शर्मा निवासी जयपुर को सस्पेंड कर दिया है.अब इस पूरे मामले में ऑडिट रिपोर्ट के बाद ही गबन के वास्तविक राशि सामने आ सकेगी. जिसके बाद पूरे मामले की जांच सीबीआई या फिर दौसा पुलिस को दी जा सकती है.

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FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 13:19 IST

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Jagran Times
Author: Jagran Times

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