
नीरज कुमार/बेगूसराय. मंहगाई की इस दौर में बेरोजगारी अहम समस्या है. हर जगह बेरोजगारों की लंबी फेहरिस्त है. मगर इनमें ऐसे भी युवा हैं जिनको मनपसंद नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने अपने पर हताशा हावी होने नहीं दिया, और आत्मनिर्भर बनने के लिए अलग राह चुनी. बिहार के बेगूसराय के युवा शिवम सिंह ने मुर्गी पालन के क्षेत्र में किस्मत आजमाया. उन्हें इसमें सफलता मिली और वो अब सालाना 8 से 9 लाख रुपये कमाई कर रहे हैं. इसके अलावा, शिवम ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया है. शिवम मुर्गी पालकों को प्रशिक्षण देकर उनका सहयोग भी कर रहे हैं.
शिवम सिंह ने बताया कि कई प्राइवेट कंपनियों में जॉब करने के बाद जब परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया तो उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी. उन्होंने वर्ष में 2013 मुर्गी पालन के क्षेत्र में कदम रखा, और 1,500 चूजे से इसकी शुरुआत की. मुर्गी पालन से आमदनी अच्छी होती गई और वो धीरे-धीरे कारोबार को आगे बढ़ाते गए. हालांकि, शुरुआत के दिनों में उनको किसी प्रकार की सरकारी वित्तीय सहायता नहीं मिला. उन्होंने कई सरकारी कार्यालय में मुर्गी पालन के लिए ऋण लेने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके.
चूजों को विशेष देखभाल करने की पड़ती है जरूरत
शिवम ने बताया कि उन्होंने 10,000 मुर्गियों को एक साथ पालने के लिए पोलट्री फार्म हाउस बनाया है. अभी यहां 7,000 चूजे मौजूद है. वहीं 2,500 मुर्गियों की बिक्री हुई है. एक चूजा 45 दिन में तैयार हो जाता है और उसके बाद बाजार में उसकी बिक्री कर दी जाती है.
उन्होंने बताया कि मुर्गी पालन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है. इसमें हमेशा बीमारी लगने का खतरा बना रहता है. यदि एक मुर्गी बीमार पड़ गयी तो वो सबको प्रभावित कर देती है. इसलिए मुर्गी पालन में सफाई का विशेष ध्यान रखता पड़ता है. हालांकि, ऐसा नहीं के बराबर होता है. सर्दी के मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है. चूजे को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर दवाई देना पड़ता है. साथ ही, पोलट्री फॉर्म हाउस में लगातार स्प्रे करना पड़ता है.
सालाना 8 से 9 लाख रुपये की होती है कमाई
शिवम ने बताया कि मुर्गी पालन कारोबार में उन्होंने सात लोगों को रोजगार दिया है. सभी कर्मियों को हर माह सैलरी दी जाती है. शिवम ने बताया कि दो लाख रुपये पूंजी लगा कर मुर्गी पालन की शुरुआत की थी. अभी हर 45 दिन में 7.50 लाख रुपये की मुर्गी की बिक्री होती है, इससे एक लाख की कमाई हो जाती है. सभी खर्च काटने के बाद सालाना 8 से 9 लाख की बचत होती है.
शिवम के मुर्गी फॉर्म हाउस में काम करने वाले सियाराम ने बताया कि बाहर काम करने पर पैसों की बचत नहीं हो पाती थी. घर के ही पास काम करने से 12,000 रुपये सैलरी मिलती है. इसमें परिवार चलाने के बाद कुछ पैसों की बचत भी हो जाती है.
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FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 10:51 IST






