आज आषाढ़ अमावस्या से शुरू हो रहा नया सप्ताह, कब है जगन्नाथ रथ यात्रा, विनायक चतुर्थी? देखें व्रत-त्योहार की लिस्ट

हाइलाइट्स

आषाढ़ अमावस्या: इसकी तिथि 17 जून की सुबह 09:11 बजे से आज सुबह 10:06 बजे तक है.
विश्व प्रसिद्ध पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा 20 जून दिन मंगलवार से प्रारंभ हो रही है.

जून 2023 का चौथा सप्ताह आज 18 जून दिन रविवार से शुरू हुआ है. सप्ताह के पहले दिन आषाढ़ अमावस्या है. इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य लाभ होता है, पितर खुशकर होकर आशीर्वाद देते हैं. इसके अगले दिन से आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष का प्रारंभ हो रहा है. जून के इस नए सप्ताह में आषाढ़ अमावस्या, जगन्नाथ रथ यात्रा, विनायक चतुर्थी, स्कंद षष्ठी जैसे व्रत-त्योहार आने वाले हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि ये सभी व्रत और पर्व किस दिन हैं और इनका क्या महत्व है?

जून 2023 चौथे सप्ताह के व्रत और त्योहार
18 जून, रविवार: आषाढ़ अमावस्या
आषाढ़ अमावस्या: इसकी तिथि 17 जून की सुबह 09:11 बजे से लेकर आज 18 जून को सुबह 10:06 बजे तक है. आषाढ़ अमावस्या को पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय कर सकते हैं. आषाढ़ अमावस्या को सुबह में स्नान करने के बाद पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, दान आदि करते हैं. इस दिन राहुकाल में भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष शांति होता है.

19 जून, सोमवार: आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष का प्रारंभ 19 जून दिन सोमवार से हो रहा है. आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि को पुरी में भगवान जगन्नाथ स्वस्थ होने के बाद पहली बार भक्तों को दर्शन देते हैं. इस दिन गुंडीचा मंदिर में भी कार्यक्रम के आयोजन होते हैं.

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20 जून, मंगलवार: जगन्नाथ रथ यात्रा
इस साल विश्व प्रसिद्ध पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा 20 जून दिन मंगलवार से प्रारंभ हो रही है. भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर अपने मौसी के घर गुंडीचा मंदिर जाते हैं. वहां पर 5 दिन विश्राम के बाद पुन: अपने धाम पुरी लौट आते हैं. जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनियाभर से लोग पुरी आते हैं.

22 जून, बुधवार: आषाढ़ विनायक चतुर्थी
आषाढ़ विनायक चतुर्थी 22 जून बुधवार को है. इस बार बुधवार के दिन विनायक चतुर्थी व्रत का सुंदर संयोग बना है. आषाढ़ विनायक चतुर्थी में गणेश पूजन करते हैं और बुधवार का दिन भी गणेश पूजा के लिए समर्पित हैं. विनायक चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:59 बजे से दोपहर 01:47 बजे तक है. इस दिन दूर्वा, सिंदूर और मोदक चढ़ाने से गणेश जी बहुत प्रसन्न होते हैं.

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24 जून, शनिवार: स्कंद षष्ठी व्रत
हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी व्रत रखा जाता है. आषाढ़ की स्कंद षष्ठी व्रत 24 जून को है. इस दिन व्रत रखकर भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं. शिव पुत्र कार्तिकेय को स्कंद कुमार कहते हैं. इनकी पूजा करने से रोग, दोष दूर होता है. कार्य में सफलता मिलती है.

Tags: Dharma Aastha, Religion

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Author: Jagran Times

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