मां-बाप का साया नहीं, फिर भी कविता जारी, संघर्ष ऐसा की खुद पर लिख डाले किताब, जानिए युवा कवित्री प्रिया को 

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


विक्रम कुमार झा/पूर्णिया.हालात सब कुछ सिखा जाते हैं. लोगों को जानें \”कभी कुछ मन की जज्बात सीखा जाती हैं, कभी कुछ जीवन के ख्यालात सिखा जाती हैं, हर हुनर किसी संस्थान में सिखाई नहीं जाती, कभी जीवन के कुछ क्षण सिखा जाते हैं. यह लाइन जिले की युवा कवित्री प्रिया सिन्हा की है. इस लाइन में उनकी पूरी कहानी है.प्रिया सिन्हा कहती है कि उन्हें बचपन से ही कविता लिखने का शौक रहा. हालांकि उनके माता-पिता का निधन एक साथ 3 साल पहले हो जाने से वह काफी दुखी रही. महज 12 साल की उम्र से ही कविताएं लिखना शुरू कर दी. अब तक उन्होंने 300 से 400 कविताएं लिखी हैं. साथ ही साथ इन कविता के प्रतिभा को देखते हुए कई संस्थान अवार्ड देकर प्रोत्साहित किया. पर इनकी कुछ कसक है.

उन्होंने न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए कहा कि उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ. वैसे परिवार में हुआ जहां बेटी की मान मर्यादा का ख्याल कम रखा जाता है. बेटी को पैरों में बेड़ी लगाई जाती है. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता गुजर जाने के बाद उनके घर वाले उन्हें घर में ही रह कर कुछ करने की सलाह दी. घर से बाहर निकल कर कुछ भी करना उनके लिए दुर्लभ बन गया था. फिर भी उसने हार नहीं मानी और अपनी लगन और मेहनत जज्बे से घर के दहलीज में ही बंद होकर उसने कुछ लिखने की शुरुआत की उसने कविताएं लिखी.

जब तक ना मिले मुकाम, नहीं रुकेगी कलम
उन्होंने कहा उनके कविताओं को पढ़कर कई लोगों के डिप्रेशन दूर हो जाते हैं. कई लोगों को ज्यादा मजा भी आता है. वह कहती हैं कि उन्हें अपनी मजबूरी के कारण उन्हें अब घर से बाहर निकल कर निजी संस्थानों में काम करना पड़ता है. जिससे वह अपनी दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर पाती हैं. उन्होंने कहा कि अच्छा प्लेटफार्म या अच्छी मंजिल नहीं मिल पाने के कारण थोड़ी निराशा है.

बहुत लड़कियों को नहीं मिला होगा माँ-बाप का साथ
उन्होंने कहा जब तक उन्हें अच्छी मंजिल नहीं मिल जाती, तब तक वह कविताओं का लिखने का सिलसिला जारी रहेगा. उन्होंने कहा अन्य काम को करने के बाद भी अगर कुछ खाली समय बचता है तो उसमें वह 4 पंक्तियां लिखकर कविताएं को पूरी करती है. वह कहती हैं कि उनके जैसे हजारों लड़कियां ऐसी होंगी जिसे मां-बाप का सहारा नहीं होगा. घर वालों का भी योगदान नहीं मिल पाया होगा. उन लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन रही है.

Tags: Bihar News, Local18, Purnia news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें