
नितिन अंतिल/सोनीपत: सोनीपत की सबसे मशहूर कच्चे क्वार्टर मार्केट का कनेक्शन भारत-पाकिस्तान बंटवारे से है. इस इलाके की खास बात है यह कि इसका नाम तो कच्चे क्वार्टर है, लेकिन यहां अब कोई भी घर कच्चा नहीं, बल्कि कच्चे क्वार्टर की मार्केट सोनीपत के मशहूर और पॉश बाजारों में से एक है.
जानकारी के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त हजारों लोग पाकिस्तान से भारत पहुंचे थे. इन लोगों को साल 1957 में यह जगह अलॉट हुई थी और साल 1965 तक लोगों ने कच्ची दीवारें बनाकर अपने 36-36 गज के मकान बना लिए थे. तभी से इस इलाके को कच्चे क्वार्टर कहा जाता है. उस समय 10 पैसे से व्यापार शुरू हुआ था और आज रोजाना इस मार्केट में करोड़ों का कारोबार होता है.
ऐसे बसा यहां बाजार
भारत- पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से आए हजारों लोगों को साल 1957 में यह जगह अलॉट की गई थी. साल 1960 से 1965 में पाकिस्तान से आए लोगों ने यहां पर कच्चे मकान बनाने शुरू कर दिए थे. सरकार ने यहां लगभग लोगों को 36-36 गज के प्लॉट दिए थे. शुरुआत में लोग मजदूरी करते थे, लेकिन उस समय इन कच्चे मकानों को कच्चे क्वार्टर कहा जाता था. साल 1970 आते-आते यहां पर इन कच्चे मकानों में दुकानों की शुरुआत हो गई. शुरुआत में यहां पर किराने की दुकान आई और उसके बाद उन्हीं कच्चे मकानों में सभी तरह की दुकानों की शुरुआत हुई. साल 1972 में बर्तन-कपड़े की का कारोबार शुरू हुआ. साल 1975 में लोग इसी मार्केट से अपना सामान लेकर घरों की तरफ जाना शुरू हो गए थे.
अब होता है करोड़ों का व्यापार
आज इस मार्केट में बर्तन-कपड़ा और रोजमर्रा की हर चीज मिलती है. बताया जाता है कि जब मार्केट में शुरुआत हुई, तब 10 पैसे से ज्यादा कमाई नहीं थी. लेकिन आज इसी मार्केट में रोजाना करोड़ों का टर्नओवर है. सोनीपत में यह मार्केट मशहूर है. आसपास के गांव के लोग या फिर बाहर से आने वाले लोग, ऐसा कोई नहीं है जो सोनीपत की कच्चे क्वार्टर मार्केट को न जानता हो.
आज यहां हैं हजारों दुकानें
दुकानदारों का कहना है कि उनके बुजुर्गों ने मजदूरी तक की है और उसके बाद अपनी जीविका चलाने के लिए दुकानों की शुरुआत की थी. उस समय महज कुछ दुकानें होती थी, लेकिन आज हजारों की संख्या में इस मार्केट में दुकानें हैं. उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है कि आज यह सोनीपत की सबसे मशहूर मार्केट है.
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FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 17:39 IST






