
उधव कृष्ण/पटना. आजकल ज्यादातर बच्चों का बहुत अधिक समय मोबाइल चलाते हुए बर्बाद चला जाता है. इसके कई दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं. एकाग्रता और यादाश्त में कमी होना उन्हीं दुष्परिणामों में से एक है. इसके अलावा मोबाइल के ज्यादा उपयोग से चिड़चिड़ापन भी बढ़ता है. इसके साथ ही आंखों से संबंधित भी कई विकार देखने को मिलते हैं. हालांकि, कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो स्क्रीन टाइम को कम करते हुए अपना समय अच्छी चीजों में लगाते हैं. अन्य स्पोर्ट्स की तरह शतरंज खेलना भी उन्हीं अच्छी बातों में से एक है. इस खबर में हम पटना के एक ऐसे चेस क्लब की बात कर रहे हैं, जहां कई नौनिहाल गर्मी छुट्टी में चेस का प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं.
शतरंज क्लब के संस्थापक व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ऑपरेटर जेपी सिन्हा बताते हैं कि इस क्लब में बच्चों को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है. इसके अलावा बिहार के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी एवं 2310 अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्राप्त अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक प्रमोद कुमार सिंह, फिडे इंस्ट्रक्टर एवं प्रशिक्षक आशीष राज एवं अन्य प्रशिक्षकों द्वारा चेस खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाता है.जेपी सिन्हा बताते हैं कि बच्चों में मोबाइलके लत को छुड़ाने तथा उनके सर्वोत्तम बौद्धिक विकास करने का सबसे सुलभ एवं उत्तम उपाय चेस है. उनकी माने तो इसेदिमाग का खेल इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसे खेलने से बच्चों में एकाग्रता और शालीनता के साथ निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है. जेपी सिन्हा यहां तक कहते हैं कि शतरंज खेलने वाले बच्चे पढ़ाई में भी अव्वल रहते हैं. सिन्हा News18 Local के मध्यम से हर उम्र, वर्ग के बच्चों एवं उनके अभिभावकों को स्क्रीन टाइम में कटौती करते हुए प्रतिदिन 1 से 2 घंटे शतरंज खेलने की सलाह देते हैं.
03 से 14 वर्ष के बच्चों को सिखाया जाता है चेस
नेशनल इंस्ट्रक्टर आशीष राज बताते हैं कि इस शतरंज क्लब में 03 से 14 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में शतरंजसिखाने की व्यवस्था है. इस क्लब में प्रशिक्षण एवं खेलने हेतु शतरंज के अंतरराष्ट्रीय मानक के शतरंज बोर्ड, शतरंज घड़ी एवं किताब उपलब्ध है. इस कारण पटना के कई इलाकों से अभिभावक अपने बच्चों को लेकर इस क्लब में पहुंचते हैं.बताते चलें कि विश्व शतरंज महासंघ फिडे द्वारा अंतरराष्ट्रीय रेटेड (2132) एवं बिहार के जाने माने शतरंज खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक वेद प्रकाश सिन्हा द्वारा भी बच्चों को शतरंज के गुर सिखाये जा रहे हैं. वहीं अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी आयुष कुमार शर्मा, वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया में सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी का नाम दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी परी सिन्हा, विश्व ओलंपियाड शतरंज के आयोजन में सहायक एवं राज्य स्तरीय शतरंज खिलाड़ी पलक सिन्हा द्वारा भी प्रशिक्षण क्लब में आने वाले खिलाड़ियों एवं बच्चों को शतरंज के नियम एवं बारीकियों को सिखाया जाता है.शतरंज क्लब की अधिक जानकारी के लिए उनके आधिकारिक वेबसाइट www.braingymchess.com या 9122312545 पर सम्पर्क किया जा सकता है.
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FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 16:02 IST






