इस पुल से पहुंच जाएंगे रामेश्वरम आइलैंड, दोनों तरफ दिखेगा बस समंदर ही समंदर, सफर बन जाएगा यादगार और खूबसूरत


नई दिल्ली. भारत में कई रेलवे पुल और राजमार्ग हैं, जो उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक गुजरते हुए देश के कई राज्यों को एक दूसरे से जोड़ते हैं. भारत में राजमार्गों का लाखों किलोमीटर तक जाल फैला हुआ है, और रोजाना आधे से ज्यादा लोग इन हाइवे से निकलते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में 200 से ज्यादा हाइवे हैं, जो राज्यों से होते हुए देश को जोड़ते हैं. आज हम ऐसे ही एक पुल की बात कर रहे हैं जिससे आप सीधे रामेश्वरम आइलैंड पहुंच जाएंगे.

ये है रामेश्वरम पंबन पुल (Pamban Bridge). 2.1 किलोमीटर लंबे इस पुल का 87 फीसदी फिजिकल वर्क पूरा हो चुका है. वहीं पाइल, पाइल कैप, सब स्‍ट्रक्‍चर और अप्रोच स्‍पैन गर्डर के फैब्रिकेशन का काम पूरा हो चुका है. इस पुल के लिए 99 अप्रोच स्‍पने स्‍पैन लगने हैं. इनमें से 70 लॉन्‍च हो गए हैं. यहां से पंबन आईलैंड की दूरी मात्र 20 मिनट की है.

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आसानी से पहुंच जाएंगे सबसे बड़े आईलैंड
चेन्नई से लगभग 500 किमी दक्षिण में बसा पंबन द्वीप एरिया के हिसाब से चेन्नई का सबसे बड़ा आईलैंड हैं. इसे रामेश्वरम द्वीप के रूप में भी जाना जाता है. यहां से आप बंगाल की खाड़ी और श्रीलंकाई पहाड़ियों के शानदार दृश्य देख सकते हैं. यहां पर श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर की यात्रा करें और रामायण से जुड़े तैरते हुए पत्थरों को देखें. रामसेतु के यह तैरते पत्थर पंबन आईलैंड के प्रमुख आकर्षण हैं.

रामेश्वरम पंबन पुल
पंबन पुल सही मायने में, मनुष्य द्वारा बनाई गई नायाब संरचना है. यह भारत के सुदूर दक्षिणी हिस्से को रामेश्वरम आइलैंड से जोड़ती है. नया पुल, वर्तमान पंबन रेलवे पुल की जगह लेगा जो 104 साल पुराना है. पंबन पुल, आपको भारत के सबसे बेहतरीन दृश्य से परिचित कराता है. इसके ज़्यादातर हिस्से में आपको दोनों तरफ समंदर ही दिखता है. आप इस यात्रा को कभी ख़त्म नहीं करना चाहेंगे.

80 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
पुराने पुल में 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन गुजरती है जबकि नए पुल में 80 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी. इस पर दो पटरियां बिछाई जा जाएंगी. पुराना ब्रिज सिंगल लाइन का है बंगाल की खाड़ी में बार-बार उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पुल के स्तंभों के लिए स्टेनलेस स्टील के सुदृढीकरण सहित नवीनतम तकनीक को तैनात किया जा रहा है.

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Author: Jagran Times

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