छत्तीसगंढ़ में यहां है 50 साल पुरानी पान की दुकान, मंत्री से लेकर आम लोग भी है दिवाने

रामकुमार नायक/महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक ऐसी पान की दुकान है जो 1 जनवरी 1973 से चल रही है. इस पान दुकान की खासियत यह है कि अपनी क्वालिटी के दम पर लगातार 50 से अधिक वर्षों से अपनी अलग पहचान बनाई है. महासमुंद जिले के ह्रदय स्थल कहे जाने वाले नेहरू चौक पर यह पान की दुकान ‘महासमुंद पान’ नाम से है. इसके ठीक सामने जिला कांग्रेस भवन है. जहां कई नेता मंत्री आते रहते हैं और स्पेशल पान का आनंद लेते हैं. लोग बताते हैं कि इस दुकान के पान को तत्कालीन सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व.विद्याचरण शुक्ल बेहद पसंद करते थे.

दुकान के संचालक किशोर चंद्र महंती ने बताया कि हम लोग मूलरूप से ओडिशा के रहने वाले हैं. पिछले लगभग 90 साल से महासमुंद में रह रहे हैं. हमारी पान की दुकान खुले हुए 50 साल पूरे हो गए हैं. 1973 में यह दुकान खोली था. इस साल पूरे 50 साल हो गए. इस दुकान में बनने वाली पान की वैरायटी पुरानी है, लेकिन लोग आज भी बेहद पसंद करते हैं. पान बनाने की भी क्वालिटी रहती है. हम हमारे ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी का पान खिलाते हैं. जब यहां दुकान खुली थी तब से इस तरह का पान यहां कहीं नहीं मिलता है. उस समय में यह महासमुंद जिले की पहली पान की दुकान होगी जहां हर चीजें मिलती थी.

पान छोड़ गुटखे की तरफ बढ़ रहा लोगोे का रुझान
मीठा पान के गुलकंद के अलावा स्पेशल मीठा मसाला डालकर तैयार किया जाता है. स्पेशल वरक वाली पान 30 – 40 रुपए की है. पान खाने वालों की संख्या कम होती जा रही है. लोग गुटखे की तरफ बढ़ते जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है. मैं लोगों को गुटखा न खाने के लिए समझाता भी हूं. इस दुकान में मेरे अलावा मेरे छोटे बेटे भी काम में हाथ बटाते हैं. बड़ा बेटा एग्रीकल्चर विभाग में डिप्टी डायरेक्टर की पद पर नौकरी करता है. छोटा भाई कमिश्नर बनकर रिटायर्ड हो गया. वह भी इस दुकान में काम संभालता था. बड़ा बेटा कहता है कि इस दुकान ने हमें सबकुछ दिया है. इसे कभी बंद नहीं करेंगे. बच्चों ने हमेशा मेरा साथ दिया है. मेरे पिताजी स्वर्गीय लक्ष्मण महंती स्वाधीनता सेनानी थे.

.

FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 13:55 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More