
हाइलाइट्स
कई लोग कार के लिए सही बजट की प्लानिंग नहीं कर पाते.
महंगी कार घर का बजट बिगाड़ सकती है.
आपकी कार का बजट सैलरी के हिसाब से होना चाहिए.
नई दिल्ली. नई कार खरीदना लगभग हर किसी का सपना होता है. भारत में कार खरीदना महंगा है क्योंकि यहां सबसे सस्ती कार की कीमत भी 5 लाख रुपये से शुरू होती है. कई लोग पैसे की कमी के वजह से कार नहीं खरीद पाते, तो कई लोग ली सुविधा के वजह के बावजूद कार खरीदने से कतराते हैं क्योंकि उनकी सैलरी इतनी नहीं होती कि वो कार का महंगा ईएमआई भर सकें.
इस परेशानी से बचने के लिए आपको कार खरीदते समय सोच समझकर फैसला लेना जरूरी है. आपकी सैलरी के अनुसार आपको कार के लिए कितना बजट बनाना चाहिए, यहां हम उसे के बारे में आपको बताने जा रहे हैं.
सालाना आय के हिसाब से प्लान करें कार का खर्च
दरअसल, कार के लिए बजट तय करने का एक फॉर्मूला काफी चर्चित है. इस फॉर्मूला के अनुसार, आपको अपनी सालाना आय की आधी से ज्यादा राशि कार खरीदने में खर्च नहीं करना चाहिए. यानी अगर आपकी सैलरी 10 लाख रुपये सालाना है तो आपको कार खरीदने के लिए 5 लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं करने चाहिए. कार का बजट तय करते समय आपको ऑन-रोड कीमत का ध्यान रखना चाहिए. यह इसलिए क्योंकि ऑन-रोड कीमत कार की कुल कीमत होती है जिसका भुगतान आपको करना होता है.
उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी सैलरी 15 लाख रुपये है तो आपको कार के लिए 7.5 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं. इसी तरह अगर सैलरी 20 लाख रुपये है तो आप 10 लाख रुपये तक की कार का बजट बना सकते हैं.
जान लें ये फॉर्मूला
कार का बजट प्लान करने के लिए एक और फॉर्मूला बहुत चर्चित है. इस पॉपुलर फॉर्मूला को 20/4/10 कहते हैं. इसके अनुसार, आपको कार खरीदते समय 20% डाउन पेमेंट करना चाहिए. इसके अलावा, ईएमआई 4 साल से ज्यादा का नहीं होना चाहिए. वहीं, ईएमआई की राशि आपकी सैलरी के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.
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Tags: Auto News, Car Bike News, Cars
FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 13:19 IST






