SEXTORTION गैंग का हुआ पर्दाफाश, कॉलगर्ल-जिगोलो को बनाते थे निशाना


गुरुग्राम, धर्मबीर शर्मा. दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने अंतर्राज्यीय सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़ किया है. पुलिस पूछताछ में कई चौंका देने वाले खुलासे हुए हैं. ये गैंग फर्जी पत्रकार और फर्ज़ी पुलिस अधिकारी बनके लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. इनके मुख्य निशाने पर कॉलगर्ल और जिगोलो सर्विस देने वाले लोग हुआ करते थे. आरोपी देशभर में अब तक सैकड़ों लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं.

गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में ये गिरोह उस वक़्त आया जब मामले में एक युवक ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने बताया था कि आरोपियों ने एस्कॉर्ट सर्विस देने वाली वेबसाइट के जरिए उससे संपर्क किया और सर्विस मांगी. उसके बाद उसे गुरुग्राम से सेक्टर-39 के साइबर पार्क के पास बुलाकर मारुति डिजायर कार में दो लोगों ने बैठा लिया. फिर खुद को पुलिसकर्मी और पत्रकार बताकर केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी.

केस से बचने के एवज में 1 लाख रुपये की डिमांड की. पीड़ित ने आरोपियों को 50 हज़ार रुपये भी दे दिए और बाकी के 50 हज़ार रुपये बाद में देने की बात कहकर अपना पीछा छुड़ाया. इसके बाद पीड़ित ने सदर थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अवैध वसूली समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाई शुरू कर दी.

गुरुग्राम पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पहले एक सुनील नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया. जिसकी निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. दोनों आरोपियों की पहचान मोहित और देवकीनंदन के रूप में हुई. पुलिस के अनुसार आरोपी मोहित जयपुर का रहने वाला है और जयपुर में ही बतौर टूरिस्ट गाईड का काम करता था.

करीब 9 साल पहले मोहित की मुलाकात एक चैनल के मालिक से हुई, जिसके बाद दोनों ने मुंबई जाकर स्टिंग ऑपरेशन शुरू कर दिए और लोगों से स्टिंग ऑपरेशन के जरिए पैसे वसूली का काम करने लगे लेकिन साल 2020 में लॉकडाउन के कारण मोहित जयपुर वापस आ गया और वहां नजदीक के किराए के मकान में रहने वाले देवकीनन्दन और सुनील के साथ मिलकर अवैध तरीके से जल्द पैसा कमाने का प्लान बनाया.

योजना के अनुसार ये पहले अलग-अलग वेबसाइट्स के जरिए कॉलगर्ल और जिगोलो सर्विस दने वालों से संपर्क कर उन्हें बुलाते और फिर फर्ज़ी पत्रकार और फर्ज़ी पुलिस अधिकारी बन उनसे ठगी की वारदात को अंजाम देते.

गौरतलब है कि मास्टरमाइंड मोहित स्टिंग ऑपरेशन का काम अच्छे से जानता था साथ ही टूरिस्ट गाईड होने के कारण उसकी इंग्लिश भाषा पर भी अच्छी पकड़ थी जिससे उसका अपराध करने का आत्मविश्वास और अधिक बढ़ गया था और लगातार ये देश के अलग अलग राज्यों में घटनाओं को अंजाम देने लगे. एक के बाद एक इन्होंने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया और फिर मौका मिलते ही ये अपना ठिकाना और निशाना दोनों बदल देते.

गिरोह में शामिल अन्य दो आरोपियों सुनील और देवकीनंदन को ये पुलिसकर्मी बनाते थे और मास्टरमाइंड मोहित खुद पत्रकार बन लोगों को डराने का काम करता था.पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि दिल्ली, जयपुर, बेलगाँव, मुम्बई, अहमदाबाद में सैंकड़ों वारदातों को अन्जाम दे चुके हैं.

पुलिस पूछताछ में इन्होंने ये भी खुलासा किया कि जब इनके ठगी करने की किसी को भनक लग जाती थी और पुलिस में शिकायत करने की बात कोई करता था तो ये उस व्यक्ति को ज़्यादा रुपए देकर उससे समझौता कर लिया करते थे. बहरहाल ये शातिर गिरोह अब पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस इनका रिमांड लेकर इनके द्वारा ठगे गए लोगों का पता लगाने में जुट गई है .

साथ ही एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने लोगों से अपील की है कि अगर इन आरोपियों के द्वारा कोई ठगा गया है तो वो सामने आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराए ताकि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त चार्जशीट तैयार हो सके.

Tags: Gurugram crime news, Haryana news

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Author: Jagran Times

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