
हाइलाइट्स
मणप्पुरम फाइनेंस सोने के बदले कर्ज देने वाली कंपनी है.
आरबीआई ने शुक्रवार को इस पर 20 लाख का जुर्माना लगाया.
RBI को लोन से लेकर रखरखाव साथ ही कई और गड़बड़ियां मिली हैं.
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए निर्धारित नियमों के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने पर मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि सोने के बदले कर्ज देने वाली कंपनी पर यह जुर्माना विनियामक अनुपालन में खामियों के आधार पर लगाया गया है. इसका इरादा ग्राहकों के साथ किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता को परिभाषित करने का नहीं है.
आरबीआई ने संस्थान की मार्च, 2021 तक वित्तीय स्थिति को देखते हुए इसका वैधानिक परीक्षण किया था. इस दौरान पता चला कि मणप्पुरम फाइनेंस ने 90 दिन से ज्यादा समय से लंबित बकाये को गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया था. नियामक ने कहा कि यह कार्रवाई कंपनी की ओर से गैरसंतोषजनक जवाब के आधार पर की गई है.
क्यों लगाया जुर्माना
केंद्रीय बैंक ने कहा कि कंपनी ने 2011 के दौरान से ही कुछ अकाउंट्स में अनिवार्य लोन से लेकर अमाउंट तक के रखरखाव को भी सुनिश्चित नहीं किया है. साथ ही कई और गड़बड़ियां रिजर्व बैंक को मिली हैं. आरबीआई ने कहा कि ये कार्रवाई कंपनी के असंतोष प्रतिक्रिया पर आधारित है. रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंक और फाइनेंस कंपनियों के वित्तीय स्थिति और नियमों के उल्लघंन की जांच करता रहता है. अगर रिजर्व बैंक को किसी भी तरह की दिक्कत मिलती है तो वह उनपर जुर्माना या पाबंदी संबंधी कार्रवाई करता है.
क्या है डिजिटल लोन ऐप
मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड ने बढ़ते डिजिटल ऋण बाजार का लाभ उठाने के लिए एक नया डिजिटल ऋण ऐप ‘मा-मनी’ पेश किया है. कंपनी ने बयान में कहा कि इस ऐप को पेश करने का उद्देश्य ग्राहकों को मणप्पुरम फाइनेंस के सभी वित्तीय उत्पादों को एक साथ उपलब्ध कराना है. डिजिटल गोल्ड लोन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी को उम्मीद है कि नया ऐप उसे अपने डिजिटल कारोबार और पहुंच को बढ़ाने में मदद करेगा. कंपनी ने कहा कि यह ऐप मुख्य रूप से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के लोगों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है.
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Tags: Business news in hindi, Gold Loan, RBI
FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 09:23 IST






