Success Story: सीमेंट के ट्रक खाली करने वाला मजदूर बना शिक्षक, रोजाना 18 KM पैदल चलकर की पढ़ाई

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रिपोर्ट: मनमोहन सेजू
बाड़मेर.
कहते है कि कड़ी मेहनत मंजिल को मिला ही देती है और वह मंजिल औऱ भी ज्यादा मायने रखती है जिसके लिए विकट हालातों में बरसों तक प्रयास किए गए हो, ऐसी ही एक मिसाल के चर्चे इन दिनों भारत-पाकिस्तान सीमा के जिले में हैं.

दरअसल बाड़मेर जिले के मातासर निवासी रेखाराम मेगवाल जब तपती धूप में सीमेंट का ट्रक खाली कर रहे थे. उसी समय उनका रीट लेवल टू विज्ञान-गणित का परिणाम आया तो चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी. अपने घर परिवार की रोजी रोटी के लिए साल 2000 से ट्रक से सीमेंट खाली करने का काम करने वाले रेखाराम ने खुद को कभी पढ़ाई से अलग नहीं किया. यही वजह रही कि तमाम असफलताओं और दिन भर हाड़ तोड़ मेहनत के बाद भी किताबो से खुद को जुदा नहीं किया.

ग्रामीण क्षेत्र में विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत कर राजकीय सेवा में चयनित होने वाले रेखाराम अपने इलाके के पहले ऐसे युवा है जिनके सिर पर सफलता का सेहरा सजा है. वह बताते है कि पिता दमाराम की बीमारी के बाद से वह मजदूरी करने लग गया और मजदूरी के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करता रहता था.

केसानियो मेघवालों की ढाणी में रेखाराम की सफलता के बाद खुशियों के बादल उमड़े नजर आ रहे है. बचपन मे 10वीं की पढ़ाई के लिए रोज 18 किलोमीटर का पैदल सफर तय करने वाले रेखाराम को अब उसकी मंजिल मिली है. वह बताते है कि तमाम तरह की तकलीफों और कठिनाईयों के बाद भी डटे रहना ही उसकी सफलता का राज है. उसका छोटा भाई हालांकि सामाजिक विज्ञान वर्ग में सफल नहीं हो पाया. लेकिन रेखाराम की सफलता के बाद उसके घर मे खुशियों का माहौल है.

.

FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 12:23 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें