फिसड्डी टीमों पर चला टीम इंडिया का जोर, घर में शेर बाहर हुई ढेर, राहुल द्रविड़ के पास आखिरी मौका?


हाइलाइट्स

भारत फिर आईसीसी ट्रॉफी जीतने में रहा नाकाम
राहुल द्रविड़ बतौर कोच फिर हुए नाकाम

नई दिल्ली. एक बार फिर टीम इंडिया आईसीसी ट्रॉफी जीतने में नाकाम रही. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 209 रन के अंतर से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया. भारत की WTC Final में लगातार दूसरी हार है. 2021 में भी भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने में नाकाम रहा था. तब न्यूजीलैंड ने साउथैप्टन में भारत को हराया था. इस हार के बाद सिर्फ कप्तान रोहित शर्मा ही सवालों के घेरे में नहीं है. उंगलियां कोच राहुल द्रविड़ पर भी उठ रही हैं.

बतौर कोच राहुल द्रविड़ भी आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने में नाकाम रहे हैं. द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बने डेढ़ साल का वक्त हो गया है. लेकिन, वो भी टीम को बड़ी सफलता नहीं दिला पाए हैं.

कोच के तौर पर द्रविड़ का प्रदर्शन द्विपक्षीय सीरीज में तो अच्छा रहा. लेकिन, जहां बात आईसीसी टूर्नामेंट की आई, वहां वो फिसड्डी ही साबित हुए. गलत फैसले, कमजोर रणनीति और टीम के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव ये साफ नजर आया. टीम इंडिया इन 18 महीनों में घर में शेर रही, पर बाहर ढेर हो गई. ऐसे में अगर इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में वो बतौर कोच भारत को सफलता नहीं दिला पाए तो उन्हें फिर इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है.

द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया का कैसा रहा प्रदर्शन?
राहुल द्रविड़ को नवंबर 2021 में भारतीय टीम का हेड कोच बनाया गया था. उनकी कोचिंग में भारत ने द्विपक्षीय सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है. खासतौर पर घर में टीम का जीत का सिलसिला बरकरार रहा. द्रविड़ के कोच रहते भारत ने घर में 15 में से महज 1 सीरीज गंवाई है. भारत को द्विपक्षीय सीरीज में सफलता आईसीसी रैंकिंग में अपने से नीचे की टीमों के खिलाफ मिली. लेकिन, घर के बाहर भारत को हार का सामना करना पड़ा.

दक्षिण अफ्रीका में पहले इम्तिहान में भारत हारा
द्रविड़ के कोच बनने के बाद विदेश में भारत का पहला इम्तिहान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था और भारत टेस्ट और वनडे दोनों सीरीज हारा था. इसके बाद हमने घर में वेस्टइंडीज और श्रीलंका को टेस्ट, वनडे और टी20 में जरूर हराया. लेकिन, भारत के मुकाबले ये टीम कहां ठहरती हैं? ये सबको पता है.

घर में शेर, बाहर ढेर हुई टीम इंडिया
इसके बाद इंग्लैंड में भारतीय टीम 1 टेस्ट खेलने के लिए गई तो वहां, जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में हारी. इसके बाद एशिया कप 2022 में फिर टीम इंडिया को नाकामी झेलनी पड़ी. राहुल-रोहित की जोड़ी के रहते टीम इंडिया सुपर-4 राउंड से बाहर गई. इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में भारत हारकर बाहर हो गया. फिर, बांग्लादेश दौरे पर वनडे सीरीज तक गंवानी पड़ी.

इस साल ऑस्ट्रेलिया से घर में भारत ने 4 टेस्ट की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जरूर जीती. पर वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर हिसाब बराबर कर लिया.

द्रविड़ की कोचिंग में एशिया कप, टी20 वर्ल्ड कप 2022 की शर्मनाक हार का दर्द अभी भारतीय फैंस भूले भी नहीं थे कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की हार ने और बड़ा जख्म दे दिया.

बतौर कोच कहां चूके द्रविड़?
राहुल द्रविड़ ने जिस तरह क्रिकेट खेली, उनकी कोचिंग का स्टाइल भी कुछ वैसा ही है. उन्होंने इन डेढ़ सालों में बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लिए. रोहित शर्मा ने बार-बार ये बात कही कि टीम इंडिया अग्रेसिव क्रिकेट खेलेगी. लेकिन, राहुल द्रविड़ की रणनीति में इसकी कमी नजर आई. कई मौकों पर द्रविड ने खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का जरूरत से ज्यादा बचाव किया और इसकी कीमत भारत को चुकानी पड़ी.

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अश्विन को बाहर बैठाना पड़ा भारी
आर अश्विन को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में न खिलाने का फैसला भी भारी पड़ा. क्योंकि दूसरी पारी में कुल गिरे 18 विकेट में से 7 नाथन लायन और रवींद्र जडेजा ने हासिल किए. यानी ओवल के विकेट पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मदद थी. ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर में भी कई बाएं हाथ के बल्लेबाज थे. ऐसे में अगर अश्विन रहते तो शायद मैच का नतीजा कुछ और रह सकता था.

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सेलेक्शन में निरंतरता का अभाव, सुरक्षित अप्रोच, खिलाड़ियों की चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट, खिलाड़ियों के रोल में स्पष्टता की कमी, जरूरत से ज्यादा प्रयोग, ये कुछ कमियां हैं जो द्रविड़ की कोचिंग में नजर आईं.

वर्ल्ड कप द्रविड़ के लिए आखिरी मौका?
WTC Final गंवाने के बाद बतौर कोच द्रविड़ के पास वनडे विश्व कप में अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है. क्योंकि उनसे पहले डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री की आईसीसी टूर्नामेंट जिताने में नाकाम रहने के कारण कोच पद से छुट्टी हो चुकी है. हालांकि, द्रविड़ किस्मतवाले रहे हैं कि दो आईसीसी ट्रॉफी में नाकाम रहने के बावजूद उनपर गाज नहीं गिरी है. ऐसे में अगर उन्हें लंबे वक्त तक टीम इंडिया की बागडोर संभालनी है तो फिर विश्व कप उनके पास आखिरी मौका है.

Tags: ODI World Cup, Rahul Dravid, Rohit sharma, Team india, World Test Championship Final, WTC

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Author: Jagran Times

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