पैरों में पायल, बनारसी साड़ी में सजी देवी… बिपाशा बसु और करण ने अन्नप्राशन संस्कार में बेटी को क्या खिलाया?


मुंबईः बॉलीवुड अभिनेत्री बिपाशा बसु (Bipasha Basu) और करण सिंह ग्रोवर (Karan Singh Grover) ने शादी के 6 साल बाद नवंबर 2022 में अपनी बेटी का इस दुनिया में स्वागत किया, जिसक नाम दोनों ने ‘देवी’ रखा. बिपाशा अक्सर सोशल मीडिया पर देवी के साथ अपने मजेदार और ममता भरे पलों की झलक शेयर करती रहती हैं. अब, अभिनेत्री ने अपनी बेटी का एक और बेहद प्यारा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिस पर अभिनेत्री के फैन और दोस्त खूब प्यार बरसा रहे हैं. बिपाशा और करण ने देवी के अन्नप्राशन संस्कार का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है.

अन्नप्राशन संस्कार किसी बच्चे को पहली बार ठोस आहार देने के बारे में होता है. ये पहली बार होता है, जब बच्चे को खीर, पूरी जैसे पकवान खिलाए जाते हैं. बंगाली ट्रेडिशन में इसे मुखेभात कहा जाता है. सोशल मीडिया पर बिपाशा ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें वह ट्रेडिशनल आउटफिट में नजर आ रही हैं. वहीं उन्होंने देवी को भी एक प्यारी सी बनारसी साड़ी, पायल में सजाया है, जिसमें उनकी बच्ची बेहद क्यूट लग रही है.

देवी के अन्नप्राशन संस्कार का वीडियो शेयर करते हुए बिपाशा ने कैप्शन में लिखा- ‘देवी का मुखेभात. दुर्गा, दुर्गा.’ इसके साथ उन्होंने एविल आई वाले कई इमोजी भी शेयर किए हैं. वीडियो पर कई यूजर्स ने रिएक्शन देते हुए बिपाशा और करण को बधाई दी. वहीं कुछ ने बेबी देवी के लिए बेस्ट विशेज भेजीं. वहीं कुछ ये पूछ रहे हैं कि आखिर बिपाशा-करण ने बेटी को अन्नप्राशन समारोह में क्या खिलाया?

Tags: Bipasha basu, Bollywood, Entertainment, Karan Singh Grover

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया