Photos: यूनिवर्सिटी में पहुंचे बैंड-बाजा-बाराती, घोड़ी चढ़ा कर्मचारी, देखिए अनोखा रिटायरमेंट


राहुल दवे, इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में अचानक बैंड, बाजा, घोड़ी और पंजाबी ढोल पहुंचे जिसे देख लगा रहा था कि यहां से कोई बारात निकलने वाली है. सभी का ध्यान दूल्हे पर था, लेकिन जब दूल्हे की उम्र 60 साल की दिखी तो लोग हैरान हो गए. पता चला कि यहां शादी जैसा मामला नहीं था.

दरअसल यह सारी व्यवस्था विश्वविद्यालय के एक बाबू की विदाई के लिए की गई थी. वैसे तो सरकारी विभागों में अधिकारी और कर्मचारियों के रिटायरमेंट पर संबंधित व्यक्ति का फूल माला के साथ स्वागत कर उसे शेष जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए विदा किया जाता है. लेकिन इस विदाई समारोह की बात कुछ और थी. डीएवीवी आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय के परिसर में जो दृश्य देखने को मिला, वह थोड़ा हटकर था. यहां विदाई समारोह बाबू बन्नेसिंह सोलंकी का था. बाबू बन्ने विश्वविद्यालय के इस प्रशासनिक संकुल में वाहन चालक के रूप में सेवा में आए थे. सेवानिवृत्त होने पर परिसर में एक तरफ जहां बैंड बाजे बुलाए गए, वहीं पंजाबी ढोल बजाने वाले भी आए. समारोह के लिए दो घोड़ी भी बुलवाई गईं. पूरे परिसर में इस विदाई के लिए अलग ही माहौल बना था. ढोलक की थाप और बैंड-बाजे की गूंज पर डांस किया जा रहा था. सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी को घोड़ी के द्वारा दो पैर ऊपर उठाकर सलामी दी जा रही थी. इसके बाद वह कर्मचारी घोड़े पर सवार होकर विश्वविद्यालय के परिसर में भी घूमा. इस आयोजन में बाद में विश्वविद्यालय की कुलपति डॉक्टर रेणु जैन भी पहुंच गईं. उनके आने के बाद वहां के सभागार में औपचारिक विदाई समारोह का आयोजन हुआ. पूरे परिसर में सेवानिवृत्ति पर हुआ यह आयोजन चर्चा का केंद्र बना हुआ था.

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Author: Jagran Times

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