
नरेश पारीक/ चूरू.देश-विदेश के लाखों, करोड़ो श्रद्धालुओ की आस्था के केंद्र श्री सिद्धपीठ सालासर बालाजी मंदिर का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में शामिल किया है. सालासर धाम में विराजमान बाबा की प्रतिमा विश्व की इकलौती दाढ़ी, मूछ के बालाजी की प्रतिमा स्थापित होने के कारण वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में श्री सालासर बालाजी मंदिर का नाम शामिल किया गया है. जिसका खिताबी प्रशस्ति पत्र देने टीम सालासर पहुंची और टीमसदस्यों ने पुजारी परिवार के यशोदानंदन पुजारी, मांगीलाल पुजारी को प्रशस्ति पत्र सौपा. सालासर बालाजी मंदिर देश – विदेश में प्रसिद्ध है, मंदिर में आए दिन देश – प्रदेश से कई राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी एक्टर, पुलिस अधिकारी सहित देश के कोने – कोने से अधिकारी सालासर पहुंचकर बालाजी के धोक लगाते है.
मोहनदास को दाढ़ी मूंछ में ही दर्शन दिए
हनुमानजी के एक भक्त मोहनदास ने काफी पूजा अर्चना और तपस्या की थी. अपने भक्त की भक्ति से प्रसन्न हो हनुमानजी ने मोहनदास को दाढ़ी मूंछ में ही दर्शन दिए. कहते है अपने ईश्वर को जिस रूप में मोहनदास ने देखा उसने उनसे भविष्य में उसी रूप में दर्शन देने का वचन भी लिया. कहते है वचन को पूरा करते हुएसालासरबालाजीएक जाट के खेत में प्रकट हुए. जब जाट खेत में हल चला रहा था तब उसका हल एक पत्थर से टकराया और उसने पत्थर को साफ करके देखा तो उसमेंबालाजीनजर आए. जिसके बादसालासरधाममें बाद में उसी स्वरूप में स्थापित किया गया
बालाजीकी धूणी भी काफी चमत्कारी
यहांबालाजीकी धूणी भी काफी चमत्कारी बताई जाती है. कहते हैं इसेबालाजीके भक्त मोहनदास ने 300 वर्ष पूर्व जलाई थी जो आज भी जल रही है. ये धूणी अखंड ज्योत के रूप में जल रही है.सालासरबालाजीधामपर चैत्र माह की पूर्णिमा और आश्विन माह की पूर्णिमा को मेला लगता. बताया जाता हैं कि इन मेले में 5 से 7 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 20:29 IST









