‘बहारों फूल बरसाओ…’, पूरे देश में बजा था ये गाना, रफी की आवाज का चला जादू, राजेंद्र कुमार की लगी थी लॉटरी

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मुंबई. फिल्मी जगत में संगीत का हमेशा से अहम योगदान रहा है. पुराने दौर की फिल्मों का संगीत और गाने तो आज भी लोगों को अपना दीवाना बनाए हुए हैं. कई उदाहरण तो ऐसे में भी हैं जब गानों ने इतना धमाल मचाया कि उनका सीधे तौर पर फिल्म को फायदा हुआ. ऐसा ही कुछ 60 के दशक में आई एक फिल्म के साथ हुआ था. राजेन्द्र कुमार (Rajendra Kumar) और वैजयंती माला (Vyjayanthimala) अभिनीत इस फिल्म की कहानी को तो लोगों ने पसंद किया ही था. साथ ही इसके एक गाने में देशभर में धूम मचा दी थी. यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ था कि उस दौर में लंबे समय तक टॉप पर बना रहा था. आज Song of the week में इसी गाने की कहानी बताते हैं…

निर्देशक टी प्रकाश राव से राजेंद्र कुमार (Rajendra Kumar) ने एक फिल्म का आइडिया साझा किया था. उन्हें यह पसंद आया और बड़े स्तर एक फिल्म ‘सूरज’ (Suraj) बनाने का निर्णय लिया गया. इसे एक्शन, रोमांस, इमोशन के साथ भव्य बनाया गया और 25 मार्च 1966 को इसे रिलीज किया गया. जुबली कुमार कहे जाने वाले राजेंद्र कुमार की उम्मीद के मुताबिक इस फिल्म को दर्शकों ने प्यार दिया. फिल्म के निर्माण के दौरान इसके संगीत पर काफी काम किया गया और नतीजा यह हुआ कि इसके संगीत ने लोगों को अपना दीवाना बना दिया. इस फिल्म का सबसे हिट गाना रहा ‘बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है…’. इस गाने ने उस दौर में इतनी धूम मचाई थी कि बिनाका गीतमाला की एनुअल लिस्ट में इस गाने को टॉप स्थान मिला था.

आज भी शादियों की है शान
‘सूरज’ के संगीत की जिम्मेदारी शंकर जयकिशन को दी गई थी और इस संगीतकार जोड़ी के रफी फेवरेट सिंगर थे. ऐसे में ‘बहारों फूल बरसाओ…’ को गाने के लिए रफी साहब को चुना गया. इस गाने को हसरत जयपुरी ने लिखा था. रफी साहब ने जब यह गाना रिकॉर्ड किया तो स्टूडियो में मौजूद हर व्यक्ति समझ गया था कि यह गाना हिट होने वाला है. ऐसा ही हुआ और जब गाना सामने आया जो बस हर जगह यही गाना बजने लगा. यहां तक कि शादियों में तो यह गाना पसंदीदा बन गया था. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज भी बारात के दौरान इस गाने को जरूर बजाया जाता है.

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राजेंद्र कुमार को हुआ खूब फायदा
जुबली कुमार को इस फिल्म से काफी उम्मीद थी और ‘बहारों फूल बरसाओं…’ उनके लिए सोने पर सुहागा साबित हुआ. गाना इतना सुना गया कि इसके कारण फिल्म को बहुत फायदा हुआ. इस फिल्म के लिए निर्देशक प्रकाश राव को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला. वहीं, ‘बहारों ​फूूल बरसाओ…’ के लिए हसरत जयपुरी को बेस्ट लिरिक्स और रफी को बेस्ट सिंगर का अवॉर्ड मिला. इस गाने को अब भी सुना जाता है और इसके 50 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं.

Tags: Entertainment Special, Song, Vyjayanthimala

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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