कभी यहां के युवाओं के हाथों में होती थी बंदूक, आज देश के लिए ला रहे मेडल, जानें कैसे तय किया सफर

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कुंदन कुमार/गया. एक दौर था जब गया के इमामगंज क्षेत्र की गिनती बिहार के अति नक्सल प्रभावित इलाके में होती थी और क्षेत्र के युवा गलत रास्ते पर भटक रहे थे. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब क्षेत्र के युवा पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अलग पहचान बना रहे हैं. दरअसल इमामगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों बच्चों का चयन राज्य स्तरीय टीम में हुआ है.

यह विभिन्न खेलों में अपना हुनर दिखाएंगे. इससे पूर्व क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. अपने क्षेत्र का नाम रोशन किए हैं. अब इस क्षेत्र से पावर लिफ्टिंग, रेसलिंग, कबड्डी, जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, एथलीट जैसे खेल में प्रतिभावान खिलाड़ी निकल रहे हैं और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बच्चों को दे रहे हैं निशुल्क प्रशिक्षण
क्षेत्र के बच्चों को यहां के पूर्व खिलाड़ियों के द्वारा तराशा जा रहा है. जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके पहलवान शुभम कुमार सिंह है जो निशुल्क बच्चों को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण देते हैं. बीते महीने गया के खेल परिसर में हुए जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में इस क्षेत्र के दर्जनों बच्चों का चयन कबड्डी, एथलेटिक्स, जैवलिन थ्रो में राजस्तरीय टीम में हुआ है.

आपके शहर से (गया)

बता दें कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों में काफी प्रतिभा है और उनका हुनर निखर कर सामने आ रहा है, लेकिन अगर इन बच्चों को जिला प्रशासन और खेल विभाग से थोड़ा सहयोग मिल जाए तो और प्रतिभावान खिलाड़ी निकल कर सामने आएंगे. दरअसल क्षेत्र के खिलाड़ियों की पूर्व से ही मांग है कि यहां एक खेल का मैदान बनाया जाए, ताकि इन लोगों को प्रैक्टिस करने में परेशानी न हो.

खिलाड़ियों का रहा बेहतरीन प्रदर्शन
इसी वर्ष नेपाल मे आयोजित अंडर 14 कबड्डी टीम के लिए ॠषभ कुमार दांगी, आशिष कुमार दांगी, सत्यम कुमार पियुष कुमार और ध्रुव कुभार ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मेडल लाया है. इसके अलावे रितिका राज दांगी का जैवलिन थ्रो में, लांग जम्प मे परी कुमारी, 60 मीटर दौड मे श्रृष्टि कुमारी का चयन राज्यस्तरीय टीम मे हो चुका है.

यह सभी इसी महीने और अगले महीने होने वाले विभिन्न खेल मे भाग लेंगें. इनमें से अधिकांश बच्चे इमामगंज रानीगंज में संचालित दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चे हैं. इसी इलाके से डिस्कस थ्रो में काजल कुमारी राजस्तरीय टीम के लिए खेलते हुए मेडल लाई है.

खिलाड़ियों ने कही दिल की बात
राजस्तरीय टीम में चयनित होने के बाद खिलाड़ियों ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है कि सुदूरवर्ती पिछड़े क्षेत्र से हम जैसे प्रतिभावान खिलाड़ी निकल रहे हैं. इस क्षेत्र की अलग पहचान बना रहे हैं. इसी महीने और अगले महीने राजस्तरीय खेल शुरू होगा जिसमें हम लोग भाग लेंगे.

खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल और स्थानीय लोग भी बेहद खुश हैं. इनका मानना है कि गया के पिछड़े क्षेत्र से प्रतिभावान खिलाड़ी निकल रहे हैं. जरूरत है इन्हें उचित मार्गदर्शन और सहयोग की. जिला प्रशासन और खेल विभाग इन बच्चों को सहयोग करती है तो और प्रतिभावान खिलाड़ी निकल कर सामने आएंगे.

Tags: Bihar News in hindi, Gaya news, Sports news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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