Haldwani News : बदलते मौसम में बीमार होने का खतरा, इस तरह रखें अपनी सेहत का ध्यान

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पवन कुंवर /हल्द्वानी. इस साल मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है कभी ठंड हो रही है तो कभी गर्मी, बदलते मौसम के साथ ही लोग बीमार भी हो रहे हैं. बदलते मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. सर्द और गर्म के बीच अगर जरा भी लापरवाही हुई तो सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है. तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है. इसकी वजह से बच्चों व बड़ों को बड़े सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी ने जकड़ लिया है. ऐसे मौसम में चिकित्सक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भी लगातार वायरल फीवर के मरीज भी बढ़ते जा रहे है.

बेस अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एसएस बिष्ट का कहना है कि इस बार के मौसम में अचानक से गर्मी और अचानक से ठंड का बदलाव देखा जा रहा है. जिस वजह से अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज ज्यादा आ रहे हैं. तापमान में उतार-चढ़ाव ज्यादा है जिस वजह से बीमारियां बढ़ने की संभावनाएं ज्यादा रहती है. इसलिए मौसम क्या बदलाव देखते हुए हमें अपनी सेहत का भी ध्यान रखना है. साथ ही उन्होंने आगे बताया कि बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ जाता है, जिससे बचने का एकमात्र उपाय आपकी डाइट होती है. इसलिए अपने आहार में पौष्टिक फूड्स को शामिल करें और रात के समय हल्का भोजन लेना ठीक रहेगा. ‌इसके साथ ही जूस सलाद को डाइट में शामिल करना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है. और ऐसे मौसम में जंग फूड खाना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए घर पर ही बना शुद्ध भोजन खाएं.

मरीजों की संख्या में इजाफा
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल हल्द्वानी में सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल है. यहां शहरी और पर्वतीय जिलों से मरीज पहुंचते हैं. बदलते मौसम के साथ यहां मरीजों की भीड़ है. सुबह 7 बजे से ही यहां मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं. पर्वतीय जिले अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और दूर-दूर से लोग यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. इन दिनों एक दिन में करीब 1500 से ज्यादा ओपीडी यहां हो रही हैं.अस्पताल में इन दिनों सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर के मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं.

एक फिजिशियन के सहारे मरीज
बेस अस्पताल में कई चिकित्सकों के पद खाली हैं. बेस अस्पताल में सिर्फ एक फिजिशियन के सहारे मरीजों का इलाज हो रहा है. यहां तैनात प्रत्येक चिकित्सक पर ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीजों का भार है. अस्पताल प्रशासन दूसरे फिजिशियन की नियुक्ति के लिए शासन से लंबे समय से मांग करते आ रहा है, लेकिन अभी तक फिजिशियन की नियुक्ति नहीं हो पाई है. ऐसे में अधिकांश मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल या फिर मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है.

Tags: Haldwani news, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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