
शशिकांत ओझा/पलामू. जिले में जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर बहुत ही रोचक और ऐतिहासिक कहानी है. पलामू जिले के चैनपुर गढ़ से वर्ष 1832 से जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जा रही है. कहते है चैनपुर गढ़ के राजा जयनाथ सिंह को संतान की प्राप्ति नही हो रही थी. जिसके बाद उन्होंने पुरी जाकर भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा और प्रसाद लाने के बाद संतान की प्राप्ति हुई. जिसके बाद से पलामू में जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है और उन्होंने अपने संतान का नाम भी जगन्नाथ सिंह रखा.
जिले में रथ यात्रा निकालने की जिम्मेदारी चैनपुर गढ़ के मालिक एवं बीजेपी के प्रदेश मंत्री विवेक भवानी सिंह निभा रहे हैं. उनके कंधे पर पिछले 20 वर्षो से यह जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया की वो 18 वीं पीढ़ी के रूप में इस महोत्सव को मना रहे हैं. इस वर्ष भी भव्य रूप से कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. चैनपुर गढ़ में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर से भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी. 15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में भगवान के स्नान से लेकर 56 भोग लगाने तक और अगले दिन जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली की परंपरा निभाई जाती है. जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ढोल, नगाड़ा, और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ कलाकार शामिल होते है. पहले के दशक में भगवान जगन्नाथ के लिए 56 भोग पुरी से ही मंगाया जाता था .
जगन्नाथ मंदिर से मौसी बाड़ी तक निकलती है रथ यात्रा
विवेक भवानी सिंह ने बताया की हर वर्ष की तरह इस साल भी जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा शाम 5 बजे निकाली जाएगी. जो की मौसी बाड़ी कुसुमदाहा मंदिर पहुंचती है. इस दौरान 1.5 किलोमीटर के रास्ते में मेले की तरह आयोजन होता है. प्रसाद के रूप में अनारसा का दुकान सजा होता है. सभी श्रद्धालु प्रसाद के रूप में अनरसा का भोग लगाते है. वहीं इस वर्ष 19 जून को दोपहर 1 बजे पट खोलकर भगवान को 56 भोग खिलाया जाएगा. जिसके अगले दिन 20 जून के शाम 5 बजे भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी.
कुसुमदाहा मंदिर होगा आकर्षण का केंद्र
पलामू में भव्य राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है. चैनपुर गढ़ से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर परिसर काफी दूर में फैला हुआ है. यहां भगवान राधा कृष्ण की भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है. जो की इस बार आकर्षण का केंद्र बनने वाला है.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 23:15 IST






