
निशा राठौड़/उदयपुर. राजस्थान के उदयपुर में भगवान जगदीश की भव्य शोभा यात्रा की शुरुआत हुई. इस यात्रा के दौरान लाखों की तादात में शहरवासी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल हुए. दर्जनों झांकियां भी जगदीश भगवान की रथयात्रा में शामिल हुई. उदयपुर में हर वर्ष रथ यात्रा को लेकर शहरवासियों में काफी अधिक उत्साह रहता है. रथ यात्रा के दौरान जगह-जगह भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया गया.
कलश यात्रा में 500 महिलाएं शामिल
राजस्थान की सबसे बड़ी रथ यात्रा में काफी अधिक उत्साह देखने को मिलता है. इस बार की रथ यात्रा में करीब 500 से अधिक महिलाएं सिर पर कलश लेकर निकलीं. साथ ही करीब से अधिक 51 से अधिक झांकियां शामिल हुईं. वहीं लाखों की संख्या में महिलाओं और पुरषों ने इस रथ यात्रा में हिस्सा लिया. रथ यात्रा शहर कोट परिसर में में करीब 10 किलोमीटर की यात्रा करके देर रात्रि तक फिर से मंदिर में पहुंचेगी.
राजपरिवार ने निभाई परंपरा
जगदीश मंदिर का निर्माण विक्रम संवत 1709 ईस्वी में तत्कालीन महाराणा जगत सिंह ने करवाया था. उस समय तत्कालीन महाराणा रथ को खींचते थे. इसके बाद रथ को जेठी समाज के लोग पूरे रास्ते खींचते थे. कुछ साल बाद यात्रा को मंदिर से बाहर निकालना बंद कर दिया गया. महाराणा भूपाल सिंह के समय से मंदिर में ही ठाकुरजी की रथयात्रा निकाली जाती थी. तभी से ही राजपरिवार के सदस्य सबसे पहले रथ खींचते है. उदयपुर में भी महाराज कुमार विश्वराज सिंह और महाराज कुमार लक्ष्य राज सिंह मेवाड़ में रथ को खीच कर परम्परा का निर्वाह किया.
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 00:26 IST






