
हाइलाइट्स
आज सुबह 08:41 बजे से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी और कल सुबह 09:13 बजे खत्म हो जाएगी.
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह से ही भगवान भोलेनाथ की पूजा प्रारंभ हो जाती है.
आज का पंचांग 16 जून 2023: आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, कृतिका नक्षत्र, ध्रुति योग, करण वणिज और दिन शुक्रवार है. आज सुबह 08:41 बजे से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी और कब सुबह 09:13 बजे खत्म हो जाएगी. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि व्रत रखते हैं. इसकी पूजा निशिता काल में होती है. निशिता काल पूजा मुहूर्त आज रात प्राप्त हो रही है, इसलिए आषाढ़ मासिक शिवरात्रि व्रत आज है. मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह से ही भगवान भोलेनाथ की पूजा प्रारंभ हो जाती है. विधि विधान से पूजा करके मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा सुनते हैं. शिव कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. रात्रि प्रहर की पूजा मंत्रों की सिद्धि के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
आज शुक्रवार को माता लक्ष्मी को प्रसन्न करके धन और वैभव की प्राप्ति की जा सकती है. शुक्रवार का व्रत रखने से माता लक्ष्मी खुश होती हैं और कुंडली का शुक्र दोष भी दूर होता है. शुक्रवार व्रत में खट्टे फल या अन्य खट्टे खाद्य पदार्थ वर्जित होते हैं. आज रात में जब माता लक्ष्मी की पूजा करें तो पूजा स्थान पर श्री यंत्र, पीली कौड़ियां, शंख आदि जरूर रखें. ये माता लक्ष्मी को प्रिय हैं. पूजा में लाल गुलाब के फूल, कमल के फूल, कमलगट्टा, माला, कुमकुम, अक्षत्, दीप, धूप, गंध, नारियल, बताशा आदि रखें. माता लक्ष्मी को खीर या दूध से बनी सफेद मिठाई को भोग लगाएं. उसके बाद श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें. आप पर माता लक्ष्मी प्रसन्न रहेंगी.
शुक्रवार को शुक्र ग्रह के मंत्र का जाप करने और उससे जुड़ी वस्तुओं का दान करने से कुंडली का शुक्र दोष खत्म हो जाता है. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ समय, अशुभ मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, गुलिक काल, दिशाशूल, राहुकाल आदि.
16 जून 2023 का पंचांग
आज की तिथि – आषाढ़ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
आज का नक्षत्र – कृतिका
आज का करण – वणिज
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का योग – ध्रुति
आज का वार – शुक्रवार
आज का दिशाशूल – पश्चिम
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:53:00 AM
सूर्यास्त – 07:26:00 PM
चन्द्रोदय – 28:18:00
चन्द्रास्त – 17:51:00
चन्द्र राशि – वृषभ
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:57:40
मास अमांत – ज्येष्ठ
मास पूर्णिमांत – आषाढ़
शुभ समय – 11:53:44 से 12:49:35 तक
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 08:10:22 से 09:06:12 तक, 12:49:35 से 13:45:25 तक
कुलिक– 08:10:22 से 09:06:12 तक
कंटक– 13:45:25 से 14:41:16 तक
राहु काल– 10:58 से 12:40 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 15:37:07 से 16:32:57 तक
यमघण्ट– 17:28:48 से 18:24:39 तक
यमगण्ड– 15:51:04 से 17:35:47 तक
गुलिक काल– 07:35 से 09:16 तक
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Lord Shiva
FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 06:00 IST






