Success Story: सबसे कम उम्र में बना पीएचडी करने का रिकॉर्ड, नैना ने 8 साल में 10वीं तो 13 साल में पूरा कर लिया था ग्रेजुएशन

नई दिल्ली. Naina Jaiswal Success Story: इंटरनेशनल टेबल टेनिस चैंपियन नैना जायसवाल से सबसे कम उम्र में पीएचडी करने का रिकॉर्ड बनाया है. नैना ने 8 साल की उम्र में 10वीं, 10 साल की उम्र में 12वीं तो 13 साल की उम्र में ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था. नैना मूल रूप से तेलंगाना के महबूबनगर की एथलीट और स्कॉलर हैं. नैना जायसवाल ने महज 22 साल की उम्र में देश की सबसे कम उम्र की और पहली महिला डॉक्टरेट डिग्री (PhD) धारक बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

बता दें कि नैना ने माइक्रो-फाइनेंस महिला सशक्तिकरण में अपना योगदान देता है इस विषय में अपनी पीएचडी की है. नैना ने अपनी पीएचडी सिर्फ 5 साल में पूरी कर ली है. साल 2017 में पीएचडी में एडमिशन लेने के बाद 22 साल की उम्र में उनकी पीएचडी पूरी हुई. आज हर कोई नैना की मेहनत को सलाम कर रहा है. नैना एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं, जिन्होंने दुनिया भर के कार्यक्रमों और सेमिनारों में भाग लिया है. बता दें कि नैना जायसवाल लॉ ग्रेजुएट भी हैं.

जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में डिग्री
नैना जायसवाल ने अपना ग्रेजुएशन 13 साल की उम्र में पूरा कर लिया था. नैना ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में डिग्री की है. इसके बाद 15 साल की उम्र में नैना ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री पूरी की. नैना के नाम सबसे कम उम्र में पोस्टग्रेजुएट बनने का रिकॉर्ड है.

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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी
नैना जायसवाल टेबल टेनिस में एक राष्ट्रीय और साउथ एशिया चैंपियन हैं. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक भी जीते हैं.

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Author: Jagran Times

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