डायपर पहनने की उम्र में थामा बल्ला, खेतों में मजदूरों ने कराई प्रैक्टिस, पंजाब ने तराशा गुजरात का हीरा

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हाइलाइट्स

गुजरात टाइटंस ने मुंबई को हराकर फाइनल में बनाई जगह
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नई दिल्‍ली. जिस उम्र में नन्हें मुन्ने ठीक से चलना-भागना तो दूर साफ बोल भी नहीं पाते, उम्र की उस नाजुक और नई-नई दहलीज पर एक बच्चा देसी लंगोट में अपना और भारत के सुनहरे भविष्य की गांठे कसने लगा था. 5 बार की रिकॉर्ड चैंपियन मुंबई इंडियंस को अपने तीसरे आईपीएल शतक से खुद के दम पर फाइनल के दरवाजे से दूर धकेल देने वाले शुभमन गिल ने 3 साल की उम्र से ही बल्ला भांजने की ‘एक्टिंग’ शुरू कर दी थी.

डायपर पहनने की उम्र में शुभमन गिल टीवी पर बल्लेबाजों को देख उनके ही अंदाज में शॉट्स खेलने की नकल करते थे. यहीं से शुभमन के पिता लखविंदर सिंह ने बेटे के लिए जौहरी बनने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. बचपन में अपने क्रिकेट के ककहरे की यादों को ताजा करते हुए शुभमन ने एक इंटरव्‍यू में बताया कि पिता लखविंदर सिंह खुद भी क्रिकेट के बड़े फैन व खिलाड़ी रहे हैं. टीवी पर जब वे मैच देखते थे तो शुभमन को भी साथ बिठाकर दिखाते. शुभमन खाली हाथ हवा में ही बल्लेबाजों के शॉट्स की नकल करने लगा तो पिता ने इस मोती को हीरा बनाने की ठानी. इसके बाद शुभमन को छोटा बैट मिला.

शुभमन गिल बॉल को मोटे धागे से बांध एक सीध में ही बैट से हिट करने की प्रैक्टिस करने लगे. पिता ने बेटे के एक सीध में खेले जा रहे शॉट को देख अपने खेतों में काम करने वाले मजदूरों, जिन्हें पंजाब में सिरी कहा जाता है, उनसे गेंदे डलवाकर शुभमन को बैटिंग प्रैक्टिस करानी शुरू कर दी.

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पंजाब की जमीन पर खेतों में मजदूरों की बॉलिंग से प्रैक्टिस करते हुए शुभमन ने अपने करियर की बुनियाद रखी थी. शुभमन की ताबड़तोड़ बैटिंग ने पिछले 2 साल में भारत के साथ ही आईपीएल में गुजरात टायटंस के लिए भी जीत के नए रास्ते बना दिए हैं.

Tags: Gujarat Titans, IPL 2023, Shubhman Gill

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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