मां के विश्वास की जीत: 40 साल बाद घर लौटा बेटा, बूढ़ी मां की आखें हुई नम, यह कहानी कर देगी इमोशनल

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रिपोर्ट- प्रियांक सौरभ 

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर समेत देश-दुनिया के तमाम शहरों में लोगों ने रविवार को मदर्स डे सेलिब्रेट किया. दरअसल दुनियां में मां के रिश्ते को सबसे खास रिश्ता माना जाता है. मां  के विश्वास में इतनी शक्ति होती है कि असंभव दिखने वाला चीज में सम्भव हो जाता है. ऐसा ही एक खास मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां मां के विश्वास की जीत हुई है. मुजफ्फरपुर में एक बूढ़ी मां  का बेटा 40 वर्ष पहले बिछड़ गया था, घर के लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि अब वो कभी वापस भी आएंगे.

वहीं 70 वर्षीय मां शामपति देवी को उम्मीद थी कि उनका बेटा एक न एक दिन जरूर लौटेगा. इंतजार में 40 साल बीत गए, लेकिन मां की आंखें सड़क के तरफ टिकी रहती थी, फिर चमत्कार हुआ और बीते 12 मई को उनका बेटा अचानक घर लौट आया.

मां शामपति देवी ने बताया कि उनका बेटा बृजकिशोर जब 14 साल का था तभी उसे गांव के ही एक गुलाब नाम के व्यक्ति कमाने के लिए बाहर ले गया, लेकिन उसके बाद से ही वो अचानक गायब हो गया. परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे को बेच दिया गया. कई वर्षों तक खोजबीन करने के बाद भी बेटा नहीं मिला तो बेटे के वियोग में पिता लालदेव सिंह की मौत हो गई.

वहीं करीब 40 साल के बाद शुक्रवार को अचानक बेटा बृजकिशोर वापस लौट आया, उनकी तबियत ठीक नहीं है, बेहद कमजोर हो चुके हैं, उनका आरोप है कि उनके साथ बहुत बुरा हुआ है. उनका शोषण किया गया. उन्होंने बताया कि उनके गांव के ही गुलाब राम ने उन्हें काम दिलाने के बहाने बाहर ले गया, लेकिन वहां जाने के बाद उन्हें बंधुआ मजदूर बना दिया और खुद भाग गया. इनके साथ अलग-अलग फैक्ट्री और दुकानों में शोषण होने लगा, बिना पैसा का काम कराया जाता रहा. इनकी जिंदगी अलग-अलग अस्पतालों में और मंदिर में कट गई, पैसे के अभाव में कुछ नहीं कर पा रहें थे, फिर वो बहुत मुश्किल से किसी तरह घर पहुंचे.

Tags: Bihar News, Mothers Day Special, Muzaffarpur news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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