Mother’s Day 2023: कंगारू की तरह बच्चों को सीने से चिपका कर घंटों बैठती है मां, पढ़ें Inspiring Story

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रिपोर्ट- अनुज गौतम

सागर. ऑस्ट्रेलियाई देशों में पाए जाने वाला कंगारू अपने बच्चे को पाउच में लेकर घूमता है उसी की तर्ज पर कम दिन और कम वजन वाले नवजात शिशुओं को केएमसी थेरपी दी जा रही है. जिसमें दिन भर में कम से कम 16 घंटे मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर एक जगह पर बैठी रहती है. इस थेरेपी के सुखद परिणाम भी सामने आए हैं यही वजह है कि मृत्यु दर में कमी तो आई ही है साथ ही यह बच्चे स्वास्थ्य भी जल्दी हो रहे हैं जल्दी अस्पतालों से डिस्चार्ज हो रहे हैं.

कुल मिलाकर केएमसी थेरेपी रामबाण इलाज साबित हो रही है जिसकी वजह से दिन ब दिन इसको और अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है. सागर जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के डॉक्टर प्रिंस अग्रवाल बताते हैं कि केएमसी के मध्यम से जो मां रहती है वह अपने बच्चे को स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट देती है. इससे मां की जो गर्माहट है वह बच्चों को मिलती है उससे बहुत सारे फायदे होते हैं. पहला फायदा यह होता है कि बच्चे का वजन जल्दी बढ़ता है बच्चे की ऑक्सीजन नली जल्दी निकल पाती है. बच्चा अस्पताल सेडिस्चार्ज जल्दी हो पाता है .मां को इससे यह फायदा होता है कि उसको दूध जल्दी आता है दूध ज्यादा बनता है और मां अपने बच्चे से अटैच हो पाती है कंगारू मदर केयर दिन में 16 से 18 घंटे तक कराना चाहिए.

कंगारू मदर केयर का कांसेप्ट कंगारू जानवर से ही आया है, जैसे कंगारू अपने बच्चे को अपने पाउच में रखते हैं और वह पूरी तरह सुरक्षित रहता है. जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ ज्योति चौहान बताती हैं कि कंगारू मदर केयर कम वजन और कम दिन के बच्चों के लिए दिया जाता है. सबसे बड़ी चीज तो यह है कि इसमें हमें कुछ खास खर्च नहीं करना पड़ता है. जो शरीर की गर्मी है वही हम देते हैं. वहीं बच्चे के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक है इससे उसकी ग्रोथ में बहुत अंतर आता है इससे वह बहुत अच्छी तरह से ग्रो करता है डिवेलप होता है और बहुत जल्दी नॉर्मल बच्चों की तरह हो जाता है फीड लेने लग जाता है अलग से उसको ड्रिप बगैरा से लगाना नहीं पड़ता है मां का दूध भी पीने लग जाता है.

इस थेरेपी से मां-बच्चे में काफी सारेपॉजिटिव चेंजेज आ जाते हैं. टच के कारण दोनों के बीच बॉन्डिंग बढ़ जाती है मां अगर के एमसी करती है तो उसमें बच्चे को फीड कराने की इच्छा जागृत होती है बच्चे की भी फीड लेने की इच्छा बढ़ती है. अगर मांपूरे टाइम बच्चे को केएमसी नहीं दे सकती है तो उसकी जगह कोई भी परिजन उनका चाहे सास ससुर हो चाहे वह भाई-बहन हो चाहे वह उसके पति हूं वह भी वह भी कंगारू मदर केयर दे सकते है.

Tags: Inspiring story, Mothers Day Special, Mp news, Sagar news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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