थैलेसीमिया बीमारी में लापरवाही बड़ी समस्या को दे सकती है दावत, ऐसे रहें सावधान

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अंजली शर्मा/कन्नौज. लगातार बदलता मौसम कई तरह की बीमारियों की सौगात लेकर आ रहा है. ऐसे में आम जनमानस को बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है. थैलेसीमिया ऐसी ही एक अनुवांशिक बीमारी है जो जानलेवा हो सकती है. थैलेसीमिया बीमारी को लेकर बताया गया है कि अगर सही समय पर इसका इलाज और सावधानी न बरती जाए तो इसमें जान जाने तक का खतरा बना रहता है. छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

उत्तर प्रदेश के कन्नौज के डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि थैलेसीमिया एक रक्त रोग है. यह दो प्रकार का होता है. यदि पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता दोनों के जींस में माइनर थैलेसीमिया होता है तो बच्चे में मेजर थैलेसीमिया हो सकता है. यह काफी घातक हो सकता है. माता-पिता में से एक में थैलेसीमिया होने पर भी बच्चे को इसका खतरा रहता है. जरूरी है कि विवाह से पहले महिला एवं पुरुष को अपनी यह जांच करा लेनी चाहिए. अगर ऐसा कोई लक्षण मिलता है तो इसमें लापरवाही बिल्कुल ना बरतें और अच्छे डॉक्टर के परामर्श से पूरा इलाज कराने से ही इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है.

क्या होते हैं इस बीमारी के लक्षण

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थैलेसीमिया बीमारी में व्यक्ति बार-बार बीमार होता है. इसमें सर्दी, जुकाम, शारीरिक कमजोरी, उदासी रहना, आयु के अनुसार शारीरिक विकास ना होना, शरीर में पीलापन बना रहना, दांत बाहर की ओर निकलना, सांस लेने में तकलीफ होना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण होते हैं.

थैलेसीमिया ऐसा रोग है जो बच्चों को जन्म से ही मिलता है. तीन माह की उम्र के बाद ही इसकी पहचान हो पाती है. इस बीमारी में बच्चे में खून का ठीक से निर्माण नहीं होता जिससे उसके शरीर में रक्त की कमी हो जाती है. इस कारण रोगी को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है. खून की कमी से हिमोग्लोबिन नहीं बन पाता है. बार-बार खून चढ़ाने के कारण मरीज को शरीर में अतिरिक्त लौह तत्व जमा होने लगते हैं जो हृदय में पहुंच कर जानलेवा साबित होता है.

थैलेसीमिया से कैसे करें बचाव

इस बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले लोगों को अपना ध्यान रखना जरूरी है. जैसे ही इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें. विवाह से पहले महिला व पुरुष रक्त की जांच करा लें. गर्भावस्था के दौरान मरीज का हीमोग्लोबिन 11 या 12 बनाए रखने की कोशिश करें, और डॉक्टर के परामर्श से बीमारी के खत्म होने तक इसका पूरा इलाज कराएं.

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Author: Up Head Line

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