ब्लैकमेल करने की नहीं पड़ी जरूरत, खुद हसीना के जाल में फंसा प्यार में पागल DRDO साइंटिस्ट, ISI ने ऐसे उगलवाए राज

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मुंबई. आमतौर पर हनीट्रैप (HoneyTrap) का शिकार होना और इसमें फंसे लोगों से अलग-अलग तरीके से फायदा उठाने का मामला सामने आता रहता है. लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गुप्त दस्तावेजों को साझा करने के मामले में फंसे डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर का मामला इससे बिल्कुल अलग है. 59 साल के इस वैज्ञानिक से राज निकलवाने के लिए पाकिस्तान को कोई हथकंडा अपनाने की जरूरत ही नहीं पड़ी, ना ही उन्हें ब्लैकमेल किया गया. बल्कि वह खुद ही अश्लील तस्वीरों के एवज में जानकारी देते रहे. एक पाकिस्तानी महिला ने डीआरडीओ की परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी निकलवाने के लिए प्रदीप कुरुलकर को यूके के फोन नंबर से मैसेज किया था.

सूत्रों की मानें तो इसमें ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी जानकारियां भी शामिल थीं. सेना की खुफिया एजेंसी द्वारा डीआरडीओ को सतर्क करने से पहले फरवरी तक इन दोनों की बीच बातचीत जारी थी, लेकिन एजेंसी के आगाह करने के बाद उसके खिलाफ जांच शुरू की गई. प्रदीप कुरुलकर ने एजेंसी को बताया था कि वह इस बात से अनजान थे कि वह महिला पाकिस्तान से है और उन्होंने उसके साथ जानकारी इसलिए साझा की, क्योंकि वह 59 साल की उम्र में बहुत अकेला महसूस करते थे. उन्हें लगता था कि वह महिला वाकई में उसके काम से प्रभावित है.

ऐसे झांसे में आया साइंटिस्ट
वैज्ञानिक को लगा कि जानकारियों को साझा करके वह उसे शिक्षित कर सकते हैं और बदले में वह उसके साथ अश्लील बातें करेगी. अधिकारियों का कहना था कि प्रदीप कुरुलकर ने जो जानकारी साझा की थी वह कुछ खास तरह की नहीं थी, लेकिन बहुत से मैसेज डिलीट दिए गए है. एजेंसी का कहना है कि वह पता करने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने कोई विशेष जानकारी तो साझा नहीं की ताकि डीआरडीओ को सचेत करके आगे के उपाय किए जा सकें. एटीएस के मुताबिक महिला उनकी चापलूसी किया करती थी. सूत्रों के मुताबिक महिला ने कुरुलकर की प्रोफाइल पढ़ने के बाद उसकी देश के लिए समर्पण की तारीफ की थी. इसके साथ ही उसने पाकिस्तान के खिलाफ नफरत दिखाते हुए भारत की अपने पड़ोसी पर जीत की बात भी कही थी. कुछ दिनों की बातचीत के बाद कुरुलकर ने महिला से उसकी तस्वीरें मांगना शुरू कीं.

इसके बाद महिला ने अपनी अश्लील तस्वीरें वैज्ञानिक को भेजीं. इसके बाद यह सिलसिला यूं ही चलता रहा और दोनों ही वॉटसऐप पर ऑडियो और वीडियो कॉल के लिए सहमत हुए. सूत्रों के मुताबिक वीडियो कॉल के दौरान भी लड़की ने अपना चेहरा नहीं दिखाया था. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि प्रदीप कुरुलकर को इस बातचीत को लेकर कभी भी धमकाया या डराया नहीं गया और वह अपनी मर्जी से ही महिला के साथ जानकारी साझा करने लगे. महिला उसके अकेलेपन का फायदा उठाते हुए रात में ही फोन किया करती थी.

सूत्रों की माने तो एक महीने की बातचीत और तस्वीरों के आदान प्रदान के बाद महिला ने कुरुलकर की भावनाओं से खेलना शुरू किया. महिला ने खुद को उसकी छात्रा और प्रेमिका बताते हुए कुरुलकर से दरख्वास्त की कि उसे अपने काम के बारे में बताए ताकि वह कुछ सीख सके और अपने देश की उन्नति में योगदान दे पाए. जब कुरुलकर ने सहमति जताई तो उसने आगे बढ़ते हुए ब्रह्मोस मिसाइल के बारे में जानकारी जुटाई. हालांकि सूत्रों की माने तो जो जानकारी दी गई उसमें कोई ऐसी विशेष जानकारी नहीं थी जो साझा करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

वैज्ञानिक को नहीं किया गया ब्लैकमेल
अधिकारियों ने पाया कि प्रदीप कुरुलकर को किसी भी तरह से ब्लैकमेल नहीं किया गया. उसने स्वेच्छा से जानकारी उपलब्ध करवाई थी. महिला जिसे कथित तौर पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव का बताया जा रहा है, ने कुरुलकर को अपना नाम ज़ारा दासगुप्ता और उम्र 30 साल बताया था. सूत्रों की माने तो कुरुलकर महिला से काफी आकर्षित थे.अगर खुफिया एजेंसी हस्तक्षेप नहीं करती तो वह दूसरे देश में जाकर भी उससे मिलने की योजना बना चुके थे. महिला कुरुलकर का विश्वास अर्जित करने के लिए राष्ट्रभक्ति और पाकिस्तान के लिए नफरत से भरे संदेश भेजा करती थी.

ये भी पढ़ें: लड़की, कॉल और सीक्रेट जानकारी लीक, जानें कैसे हनीट्रैप में फंसा DRDO ऑफिसर, रिटायरमेंट से पहले हुई जेल

कुरुलकर से संपर्क करने के लिए जिस +44 नंबर का इस्तेमाल किया गया था उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान का था. आईपी पर नजर रखने वाले एक खुफिया अधिकारी को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने डीआरडीओ को सचेत किया और उनकी टीम ने एटीएस को सतर्क करने से पहले खुद जांच की. इस बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पीएमओ को जानकारी दे दी गई थी. इसके बाद फरवरी के पहले हफ्ते में कुरुलकर के खिलाफ जांच शुरू हुई और उनके सभी उपकरणों को 24 फरवरी को जब्त कर लिया गया. 18 अप्रैल को सभी उपकरणों को जांच के लिए महाराष्ट्र एटीएस को सौंपा गया. एजेंसी ने 19 से 24 अप्रैल तक वैज्ञानिक के बयान दर्ज किये गए. 2 मई को डीआरडीओ ने शिकायत दर्ज की और अगले दिन प्रदीप कुरुलकर को

Tags: Crime News, Isi, Mumbai News, Pakistan news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें