कौशांबी में भ्रष्टाचार का खेल, गरीब किसानों के नाम पर फर्जी भुगतान, मचा हड़कंप, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां गांव के प्रधान, रोजगार सेवक और सचिव पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। गरीब किसानों की मेहनत की जमीन को आधार बनाकर लाखों रुपये की बंदरबांट कर ली गई। पीड़ित अब न्याय की आस में जिला अधिकारी से गुहार लगा रहे हैं।
मंझनपुर तहसील के निमतापुर और शाहपुर टिकरी गांव का मामला है। यहां के छोटेलाल पुत्र दुखी और शिवबहादुर के खेत का नाम दिखाकर बिना खेत समतलीकरण कराए ही फर्जी भुगतान कर दिया गया। छोटेलाल के खेत के नाम से 53 हजार रुपये, जबकि शिवबहादुर के नाम से करीब 80 हजार रुपये निकाले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव, रोजगार सेवक और प्रधान ने मिलीभगत कर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया और आपस में पैसे की बंदरबांट कर ली। “हमारे खेत में एक इंच भी काम नहीं हुआ, लेकिन नाम से भुगतान कर लिया गया… गरीब किसानों का हक मार रहे हैं ये लोग…” गांव के लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रधान और सचिव आए दिन ऐसे ही भ्रष्टाचार करके सरकारी योजनाओं की राशि को डकार जाते हैं। मेहनतकश किसान ठगा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने ईमानदार जिला अधिकारी मधुसूदन हुलगी को शिकायती पत्र देकर पूरी घटना की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों की उम्मीद अब सिर्फ प्रशासन से है कि दोषियों को सजा मिले और गरीबों का हक वापस लौटे।






