कौशाम्बी जिले के शीतला धाम में लगता है गधो का अनोखा मेला

कौशाम्बी

गधो का अनोखा मेला –
अमरनाथ जी की यात्रा में माता वैष्णव जी की यात्रा में और उत्तराखंड के केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री यमनोत्री चारधाम की यात्रा में यही से गंदर्भ जाते है ।

देश विदेश में कई तरह के मेले लगते हैं, लेकिन यूपी के कौशाम्बी जिले के कडा शीतला धाम में अनोखा गदर्भ ( गधों ) का मेला शीतला सप्तमी व अष्टमी को लगता है| इस मेले में गधा, खच्चर व अच्छी नस्ल के घोडो की खरीद फरोख्त होती है| यहाँ पर गधों को सजाया सवारा जाता है| गधों के खाने पीने से लेकर सजाने सवारने तक का सारा सामान मेले में मौजूद रहता है| मेले में धोबी समाज के लोग देश भर से इकठ्ठा होते है| धोबी समाज के तमाम लोग अपने लडके व लडकियों का रिश्ता भी इसी मेले में तय करते है| पंडा समाज व धोबी समाज सयुक्त रूप से इस अनोखे मेले का आयोजन सदियों से करता आ रहा है|
कडा शीतला धाम के गदर्भ (गधा) मेले में विभिन्न प्रकार के घोडे , गधे ,खच्चरों की भरमार है| कोई इन्हें इस मेले में बेचने आया है तो कोई खरीदने | मेले की खासियत यह है की यहाँ के गधो व खच्चरों को जम्मू कश्मीर के व्यापारी अधिक पसंद करते है |

शक्तिपीठ मां शीतला का दरबार मां का वाहन गदर्भ है । इसीलिए यहा गदर्भो का प्राचीन मेला लग रहा है अनादिकाल से यह मेला लगता चला आ रहा है । यहां की परंपरा है मेले में दूर दूर से व्यापारी लोग आते है और यहां से गदर्भ ले जाते है । जैसे अमरनाथ जी की यात्रा में माता वैष्णव जी की यात्रा में और उत्तराखंड के केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री यमनोत्री चारधाम की यात्रा में यही से गंदर्भ जाते है ।

कड़ा धाम माँ शीतला दरबार मे पूर्वजो से मेल लगता है | इस मेले में दूर दूर के लोग आते है | दो दिन तक चलने वाले इस मेले में गधा, खच्चर व घोड़ों की खरीद फरोक्त की संख्या हजारों में पहुँच जाती है| मेले में जुटे धोबी समाज के तमाम लोग अपने लडके व लड़कियों का रिश्ता भी तय करते है |

 

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Author: Up Head Line

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