
रवि पायक/भीलवाड़ा. आमतौर पर देखा जाता है कि युवा इंजीनियरिंग करने के बाद प्लेसमेंट की तैयारी करता है जिससे उसका फ्यूचर सिक्योर हो सके, लेकिन भीलवाड़ा जिले का एक ऐसा इंजीनियरिंग स्टूडेंट का ग्रुप हैं जो पर्यावरण क्षेत्र में भीलवाड़ा का नाम बना रहा है. यह स्टूडेंट पढ़ाई के साथ साथ वातावरण को साफ सुथरा रखने के लिए अपनी ओर से पुरजोर कोशिश कर रहे हैं और पेड़-पौधे लगा रहे हैं.
इस ग्रुप की खास बात यह है कि वे पेड़ पौधे लगाने के लिए कोई चंदा नहीं लेते है जबकि, वे अपनी जेब खर्च से पौधे ही नहीं लगाते है बल्कि उनकी देखभाल भी कर रहे है. भीलवाड़ा जिले के मांडल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलाकर 35 स्टूडेंट का ट्री स्विंगर्स क्लब के नाम से एक ग्रुप बनाया है. यह ग्रुप मांडल कस्बे के चारों ओर अभी तक 5 हजार से अधिक पौधे लगा चुका है. इनका लक्ष्य है कि यह ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर अपनी भागीदारी निभाएं और लोगों से अपील करें कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल भी करें.
दादा से मिली प्रेरणा तो बना डला इंजीनियरिंग स्टूडेंट का ग्रुप
मांडल के रहने वाले पुष्कर सोनी ने बताया कि मुझे पेड़-पौधों की देखभाल और संरक्षण की प्रेरणा मेरे दादाजी से मिली है. मैंने पहली बार उन्हीं के साथ अपने जीवन का पहला पौधा लगाया था और वह कहा करते थे कि बड़ और पीपल के पौधे लगाने से 300 यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है. ये बात मेरे जहन में आ गई और पौधों को लगाने का जुनून शुरु हो गया. इसलिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई, किताबों और चर्चाओं से हट कर हमने स्टूडेंट्स का एक ग्रुप बनाया है. इस ग्रुप से सिर्फ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले युवा साथी जुड़े हैं इसमें कुल 35 सदस्य हैं. वर्तमान में पेड़ों की कमी के कारण हम लोगों ने एक ग्रुप बनाया है. वे पढ़ाई से समय निकालकर पौधों को पानी देने के काम के साथ, उनकी सुरक्षा के लिए चारों तरफ ट्री गार्ड भी वे खुद ही लगा रहे हैं.
उन्होंने ने बताया कि पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने के लिए हम लोग हर साल पौधे लगाते हैं. पौधों की देखभाल भी ग्रुप के सदस्य मिलकर करते हैं. जैसे पौधों को पानी देना, उनकों कपड़ों से घेरना जिससे पशु उन्हें नुक्सान न पहुंचायें. उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि हर वर्ग का युवा आगे आए और एक पेड़ लगाने का संकल्प ले. जिससे देश और दुनिया में हम लोग मांडल को और आने वाली जनरेशन को एक अच्छा एनवायरनमेंट दे सके.
अब तक यह लगा चुके 5000 पौधे
पुष्कर सोनी ने बताया कि यह एक छोटा सा इनिशिएटिव है. पौधरोपण की इस मुहिम को हम आगे ले जाना चाहते हैं, जिससे इसमें दूसरे लोग भी शामिल हों. इसको स्कूल भी हर साल फॉलो करें और आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अब तक 5 हजार के आस पास पौधे लगाए हैं. इन पौधों में छायादार, पीपल, बड़, नीम, शीशम के पौधे शामिल हैं. इसके अलावा कुछ फलदार पौधे भी लगाए गए हैं जिनमें आम और जामुन शामिल है. यह काम ग्रुप के सभी सदस्य जेब खर्च से बचत कर उस राशि से करते हैं.
अपनी पॉकेट मनी से इकट्ठा करते पैसे
पौधों को लगाने के लिए ग्रुप के सदस्य जेब खर्च से सालाना तीन से पांच हजार की राशि के हिसाब से इकट्ठा करते हैं. इस रकम से पौधों को खरीदा जाता है, साथ ही ट्री गार्ड और गर्मी में पानी के टैंकर मंगवाकर पौधों को पानी देने पर खर्च किया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 28, 2023, 12:11 IST






