झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मजदूर का बेटा अब बनेगा डॉक्टर, घर का खर्चा चलाने के लिए करता था सिलाई का काम

मनमोहन सेजू/बाड़मेर. मेहनत खामोशी से की जाए तो सफलता शोर मचा देती है. कुछ ऐसी ही खामोशी से पढ़ाई करते हुए अपने माता-पिता और परिवार का सपना सच किया है बाड़मेर जिले के बायतु उपखंड क्षेत्र के माधासर गांव के मुश्ताक ने. मुश्ताक के पिता मजदूर हैं और माता ग्रहणी. घर के गुजर बसर चलाने के लिए मुस्ताक कपड़ा सिलाई का भी काम करता था.अब जब झुग्गी झोपड़ी से निकलकर मुस्ताक ने रोशनी का चिराग जलाया है तो हर कोई बधाई देने के लिए आतुर है.

प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सीमावर्ती बाड़मेर जिले के माधासर गांव निवासी मुश्ताक खान ने. यह टूटे-फूटे घास फूस की दो झोंपड़ियों और ईंटों से बने दो पड़वे वाला घर 9 सदस्यों वाले मुस्ताक के परिवार का आशियाना है. सरहदी बाड़मेर जिले के एक बेटे ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबलिटी इंट्रेंस टेस्ट (नीट) क्लियर किया है.

मुश्ताक को मिले 650 नंबर
बायतु उपखण्ड के माधासर गांव निवासी मुश्ताक खान ने 720 में से 650 अंक हासिल किए हैं. उसका सपना एक सफल डॉक्टर बन लोगों की सेवा करना है. इतना ही नहीं घर का गुजारा चलाने के लिए मुश्ताक खुद कपड़ा सिलाई का काम करता और पिता बालोतरा में मजदूरी करते है और मां ग्रहणी है. मुस्ताक के पास इतने पैसे नहीं थे कि बाहर जाकर नीट की कोचिंग लेता इसलिए शुरू से पढ़ाई पर ज्यादा फोकस रखा और रोजाना 10-12 घंटे तक नीट क्रैक करने के लिए पढाई जारी रखी.

दसवीं और 12वीं में भी शानदार नंबर
मुश्ताक ने दसवीं में 90.83 फीसदी और बारहवीं में 95.60 फीसदी अंक हासिल किए थे. मुश्ताक का डॉक्टर बनने के सपने को पंख लगाए फिफ्टी विलेजर्स ने. यहां मुश्ताक को निःशुल्क पढाई करवाई गई जिससे मुश्ताक ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली है. मुश्ताक ने नीट 2023 में 650 अंक हासिल किए है. ऑल इंडिया 7162 रैंक हासिल हुई है जबकि ओबीसी कैटेगरी में 2589 रैंक हासिल हुई है.

हर कोई देर रहा बधाई
मुश्ताक की इस सफलता के बाद झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले माता-पिता को बधाई देने वालों का तांता लग गया है. मुश्ताक की 5 बहने और दो भाई है. मुश्ताक बताते है कि उन्होंने नियमित रूप से 10-12 घंटे पढाई जारी रखी. हालांकि परिवार की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि उन्हें महंगी कोचिंग में दाखिला दिलवा पाए. ऐसे में उन्होंने फिफ्टी विलेजर्स में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखी और अब डॉक्टर बनने का सपना साकार हुआ है.

Tags: NEET, Neet exam, Success Story

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More