ऋषिकेश का प्राचीन हनुमान मंदिर है अदभुत, बजरंगबली ने दिए थे दर्शन, जानिए क्या हैं मान्यताएं

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ईशा बिरोरिया/ऋषिकेश: तीर्थ नगरी ऋषिकेश में पूजा पाठ की काफ़ी मान्यता है. यहां के घाट व मंदिर मुख्य आकर्षण का केंद्र है. देश के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां दर्शन के लिए आते है, और साथ ही भगवान के दरबार में अपनी इच्छाओं की पूर्ती की कामना करते है. ऐसा ही एक मान्यता प्राप्त मंदिर है ऋषिकेश का श्री प्राचीन हनुमान मंदिर, इस मंदिर में सभी भक्तगण अपनी इच्छाएं लेकर भगवान के दरबार में आते हैं और इच्छा पूरी होने पर यहां नारियल या चुनरी श्रद्धा अनुसार चढ़ाते है. इस मंदिर की एक कथा काफी प्रचलित है, मान्यता है की भगवान हनुमान ने ऋषि मणि राम दास जी के तप से प्रसन्न होकर यहां उन्हें दर्शन दिए थे.

ऋषिकेश के राम झूला पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर काफी मान्यता प्राप्त मंदिर है. देश के विभिन्न भागों से लोग बड़े विश्वास के साथ मन में आस लिए यहां भगवान के दरबार में आते है और अपनी इच्छाएं व्यक्त करते हैं. न्यूज18 के साथ हुई बातचीत के दौरान प्राचीन हनुमान मंदिर के प्रबंधक संदीप जी बताते है कि राम झूला पर स्थित यह प्राचीन हनुमान मंदिर काफी प्रसिद्ध मंदिर है. ऋषि मणि राम दास जी ने इस मंदिर में घोर तप किया, उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान हनुमान ने उन्हें यहां पर दर्शन दिए थे. और तभी ऋषि मणि राम दास जी ने यहां पर भगवान हनुमान की मूर्ति की स्थापना की और इस मंदिर का निर्माण किया. तभी से यह मंदिर सभी प्राचीन हनुमान मंदिर के नाम से सभी के बीच प्रसिद्ध है. इस मंदिर में भगवान हनुमान के साथ ही भगवान राम और माता सीता किमूर्ति भी स्थापित है. यहां प्रतिदिन शाम के समय भजन कीर्तन का आयोजन होता आया है.

भक्तगण श्रद्धा अनुसार चढ़ाते है नारियल और चुनरी
संदीप बताते है कि यह काफी मान्यता प्राप्त मंदिर है. सभी भक्तगण यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर भगवान हनुमान की शरण में आते है और मनोकामना पूर्ण होने पर नारियल या चुनरी श्रद्धा अनुसार यहां चढ़ाते है. इस मंदिर में भगवान हनुमान के साथ ही भगवान राम, माता सीता और भगवानशीव की मूर्ति भी स्थापित है. यहां प्रतिदिन शाम के समय भजन कीर्तन का आयोजन होता आया है. अगर आप ऋषिकेश घूमने आए है तो राम झूला पर स्थापित श्री प्राचीन हनुमान मंदिर के दर्शन जरूर करें. आपकी जानकारी के लिए बता दें यह मंदिर सुबह 5 बजे खुलता है और शाम में संध्या काल आरती 7 बजे शुरू होती है जिसके बाद यहां प्रतिदिन भजन कीर्तन का आयोजन होता है.

.

FIRST PUBLISHED : June 22, 2023, 09:50 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें