
नई दिल्ली. अमेरिका दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नौवें योग दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक योगशाला का नेतृत्व किया. इस कार्यक्रम के दौरान पीएम ने कहा कि योग भारत से आया है लेकिन यह हर प्रकार के कॉपी राइट से मुक्त है. इसका कोई पेटेंट नहीं है और ना ही इसके एवज में कोई रॉयल्टी मनी देने की आवश्यकता है. पीएम ने कहा कि योग भारत से आता है. सभी प्राचीन भारतीय परंपराओं की तरह यह भी जीवंत और गतिशील है. योग जीवन का एक तरीका है. ये विचारों और कार्यों में सावधानी बरतने का एक तरीका है. ये स्वयं के साथ, दूसरों के साथ और प्रकृति के साथ सद्भाव से जीने का तरीका है.
इस आयोजन के दौरान संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय अधिकारी, डिप्लोमैट और दुनिया भर से आई बड़ी शख्सियत मौजूद रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘मैं आप सभी को देखकर प्रसन्न हूं और यहां पर आने के लिए आप सभी का धन्यवाद करता हूं. मुझे बताया गया है कि आज यहां लगभग हर राष्ट्रीयता का प्रतिनिधित्व है. योग का अर्थ है जोड़ना इसलिए आप एक साथ आ रहे हैं यह योग के दूसरे रूप की अभिव्यक्ति है.’
नौ साल से मनाया जा रहा है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
पीएम ने न्यूयॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र के हेडक्वार्टर में अपने भाषण के दौरान कहा, ‘लगभग नौ साल पहले यहीं पर संयुक्त राष्ट्र में मुझे 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव करने का सम्मान मिला था. पिछले साल, 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मनाने के भारत के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए पूरी दुनिया एक साथ आई थी. बाजरा एक सुपरफूड है. वे समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और पर्यावरण के लिए भी अच्छा है.’
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 19:04 IST






